सीएम योगी ने बताया, इसलिए नहीं पढ़ने दिया सड़क पर नमाज

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तराखंड के पौड़ी में गुरु अवैद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की पीठ थपथपाई।सीएम योगी ने ईद का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि सभी की आस्था का सम्मान है, लेकिन इसके लिए दूसरे को परेशानी हो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीएम योगी ने एक लाख से अधिक धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे जाने का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसा संवाद से किया जा रहा है। जो संवाद से नहीं मानेगा उसके लिए कानून का सहारा लिया जाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि यूपी को लेकर कभी लोग कहते थे कि यह सुधर नहीं सकता। लोगों ने मान लिया था कि यहां कभी दंगे समाप्त नहीं होंगे, यहां गुंडागर्दी समाप्त नहीं होगी। यह कभी विकास नहीं कर सकता है। आज विकास की दौड़ में यूपी अग्रणी राज्य है। गुंडागर्दी नहीं है। तीन दिन की यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचे सीएम योगी ने कहा, ”मैं आज लखनऊ से लगभग एक बजे चला हूं। मुझे कहा गया था कि पवित्र गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुल रहे हैं तो वहां का दर्शन, मेरी इच्छी भी थी। आज अक्षय तृतीय है। भगवान परशुराम की जयंती भी है। लेकिन आज ईद भी था। कहीं कोई उपद्रव ना हो इसके लिए मैं खुद 1 बजे तक लखनऊ में रहा। 25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश। लेकिन यहां कहीं सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सड़कें हमारी आवाजाही के लिए बनी हैं।”

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”मैं सभी से अपील करूंगा कि व्यक्तिगत आस्था का सम्मान होना चाहिए। मैं धार्मिक व्यक्ति हूं। मुझसे ज्यादा आस्था के बारे में कौन समझ सकता है। लेकिन आस्था का सम्मान ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम अपनी आस्था के सामने आम जन की समस्याओं को नजरअंदाज कर दें। कभी नहीं हो सकता है। जब हम लोकतंत्र की बात करते हैं तो इसमें जनता को जनार्दन के रूप में माना गया है। जनता और जनार्दन की सेवा हमारा दायित्व है।”

सीएम योगी ने आगे कहा, ”मैं बार-बार कहता हूं कि उसको असुविधा नहीं होनी चाहिए। आपकी आस्था है, आप अपनी आस्था का सम्मान घर में करिए। सभी की आस्था का सम्मान होना चाहिए। हर पर्व और त्योहार शांति से होनी चाहिए। आस्था के नाम पर जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं होनी चाहिए। आपने यूपी में देखा होगा कि जहां भी अनावश्यक माइक (लाउडस्पीकर) थे, उतर रहे हैं। एक लाख से ज्यादा माइक उतर गए। कोई शोरगुल नहीं हो रहा है। किसी धार्मिक स्थल के पास कोई विद्यार्थी अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा है उसकी पढ़ाई में बाधा नहीं होगी। कोई बीमार व्यक्ति है, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं होगा। कोई शिशु है उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं होगा। लाउडस्पीकर उतारे जाने पर कोई विवाद नहीं हो रहा है। इसकी दो वजहें हैं, पहला संवाद और जो संवाद से नहीं मानेगा उसके लिए कानून है।”

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