
जलभराव के बीच टूटे बिजली के पोल खड़े करना बनी बड़ी चुनौती, बहाली में जुटे विद्युतकर्मी
नैमिष टुडे अनुज कुमार जैन
महमूदाबाद, सीतापुर।
बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान के साथ हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित करने के साथ विद्युत व्यवस्था को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और जलभराव के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल टूटकर गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
अब विद्युत विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले इलाकों में टूटे पोलों को दोबारा खड़ा कर विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने की है। कई निचले इलाकों में अभी भी काफी मात्रा में पानी भरा हुआ है। ऐसे में पानी के बीच दोबारा गड्ढे खोदकर भारी विद्युत पोल खड़े करना कर्मचारियों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
एक ओर जहां विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से जनता को जल्द राहत देने और प्रभावित लाइनों को दुरुस्त कर सभी पावर हाउसों की विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी जलभराव के बीच लगातार काम करने में जुटे हैं। विभागीय कर्मचारी तमाम मुश्किलों के बावजूद क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और पोलों को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
*पोखरा कला पावर हाउस के सामने भी चुनौती*
महमूदाबाद क्षेत्र के पोखरा कला पावर हाउस के अंतर्गत भी विद्युत विभाग को इसी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यह पावर हाउस तराई एवं निचले क्षेत्र में स्थित है और इसकी अधिकांश 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनें ऐसे इलाकों से होकर गुजरती हैं, जहां भारी जलभराव है। कई स्थानों पर पानी अभी तक कम नहीं हुआ है, जिसके चलते क्षतिग्रस्त पोलों को दोबारा खड़ा करना और लाइन को दुरुस्त करना कठिन बना हुआ है।
इसके बावजूद विद्युत विभाग के कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं, ताकि जलभराव की स्थिति के बीच सुरक्षित तरीके से विद्युत व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। स्थानीय लोगों को भी विभाग की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।