
महमूदाबाद में शानो-शौकत से निकला 91वां
जुलूस-ए-मोहम्मदी, उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब
नैमिष टुडे-अनुज कुमार जैन
महमूदाबाद (सीतापुर)। कस्बा महमूदाबाद का ऐतिहासिक 91वां जुलूस-ए-मोहम्मदी व मदह-ए-सहाबा बुधवार को अकीदत, एहतराम और शानो-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस में महमूदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। करीब 35 से 40 अंजुमनों ने हिस्सा लेकर नात, मदह-ए-सहाबा और धार्मिक कलाम पेश किए।
जुलूस महमूदाबाद रेलवे स्टेशन के सहन से शुरू होकर जामा मस्जिद पहुंचा। यहां हाफिज अब्दुल अजीम फारूकी और मौलाना अब्दुल बारी फारूकी ने हजरात-ए-सहाबा की इत्तिबा और उनकी अजमत पर विस्तार से बयान किया। उन्होंने हजरत अबूबकर, हजरत उमर, हजरत उस्मान, हजरत अली, हजरत हमजा, हजरत माविया, हजरत इमाम हसन, हजरत इमाम हुसैन और हजरत आयशा समेत सहाबा-ए-किराम की शान बयान की।
वक्ताओं ने कहा कि सहाबा-ए-किराम की इत्तिबा करने वाले लोगों के लिए नेक रास्ते पर चलने की सीख मिलती है। इस मौके पर उन्होंने महमूदाबाद में जुलूस की परंपरा शुरू करने वाले बुजुर्गों हजरत मौलाना अब्दुश शकूर, हजरत मौलाना अब्दुल अलीम, हजरत मौलाना अब्दुल अली फारूकी, हाजी दरगाही, हाजी जाकिर, हाजी आफाक और तैयब उस्मानी को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए उनके लिए दुआ की।
*कार्यक्रम की निजामत*
हाफिज अबू हुरैरा उस्मानी ने की, जबकि जामा मस्जिद के इमाम कारी फहीमुद्दीन नदवी ने तिलावत-ए-कलाम पाक से कार्यक्रम की शुरुआत की।
*जगह-जगह हुआ जुलूस का स्वागत*
जुलूस के निर्धारित मार्ग पर जगह-जगह अंजुमनों और अकीदतमंदों का स्वागत किया गया। लोगों ने फूल बरसाए और तबर्रुक, चाय, पानी व नाश्ते के स्टॉल लगाए। विभिन्न स्थानों पर लगाए गए स्टॉल आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते नजर आए। चिकमड़ी पर इरफान मंसूरी व उनकी टीम की ओर से अंजुमनों को पुरस्कार दिए गए। वहीं नदीम अहमद पूर्व अध्यक्ष पद प्रत्याशी ने भी अपनी टीम के साथ अंजुमनों को इनाम-इकराम से नवाजा।
महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्या, आकाश मौर्या, बसपा प्रत्याशी मीसम अम्मार रिजवी और काशिफ अंसारी पूर्व लोकसभा प्रत्याशी समेत विभिन्न लोगों ने भी कस्बे में लगे स्टॉलों पर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की।
*विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं अंजुमन*
जुलूस में महमूदाबाद के अलावा सदरपुर, फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, बुधवल, कुर्सी, बेलहरा, भटवामऊ, रामपुर मथुरा और लखनऊ सहित विभिन्न क्षेत्रों की करीब 35-40 अंजुमनों ने भाग लिया। अंजुमनें नात और मदह-ए-सहाबा पढ़ते हुए निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ीं और जुलूस का समापन ठठेरी बाजार में हुआ।
कार्यक्रम में अयाज सिद्दीकी अध्यक्ष शहमीना यूथ, आमिर कुरैशी लखनऊ, मौलाना हबीब कासमी, मौलाना खतीब फतेहपुर, जमाल फैजी, मौलाना उस्मान कासमी, मौलाना रईस कासमी, मौलाना कासिम उस्मानी, मौलाना जीशान तुलशमपुर, कारी बिलाल लखनवी, जमील लखनऊ, नूर अहमद नूर लखनवी, फिरदौस राइनी, मो. यासिर उर्फ शानू, तारिक खान एडवोकेट, डॉ. वजहुल कमर, आमिर अराफात, इश्तियाक शाद, अजय द्विवेदी, हाजी वसी, कलाम राइन, अब्दुल कय्यूम कोटा, हाजी सैफुल इस्लाम, मेराज हाश्मी, हाजी सईदुद्दीन, मास्टर हारून, इम्तियाज हाश्मी, मो. वसी शायर, अब्दुल कवि, इम्तियाज हुसैन, आसिफ सईद, मसूद गाजी, अब्दुल हफीज (बुधई), डॉ. निजामुद्दीन आजाद, हाफिज अतीक, हाफिज फजलुल बारी, मो. आंसर यासीन, अली अब्दुल्लाह खान, अनवार हुसैन, मेराज अहमद, कमर अली सभासद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
*सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद*
विशाल जुलूस को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। उपजिलाधिकारी महमूदाबाद व राजस्व लेखपालों की टीम के साथ अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह, सीओ कपूर कुमार, सीओ वेद प्रकाश श्रीवास्तव, कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह, क्राइम इंस्पेक्टर अनिल सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, दयाशंकर सिंह, रामपुर मथुरा इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा, रामपुर कलां के लल्ला गोस्वामी, सदरपुर के आशुतोष मिश्रा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। महमूदाबाद के समस्त उपनिरीक्षक, कस्बा इंचार्ज, सिपाही और दीवान भी सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।
जुलूस के दौरान आयोजकों और वालंटियर्स ने भी प्रशासन का सहयोग किया। शांतिपूर्ण माहौल में जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ ठठेरी बाजार पहुंचकर संपन्न हुआ।
*समापन अवसर पर* देश-दुनिया में अमन-चैन, सलामती और आपसी भाईचारे की विशेष दुआ की गई। कार्यक्रम के समापन पर अबू हुरैरा उस्मानी और कासिम उस्मानी ने संचालन किया।