
सिपाही से समीक्षा अधिकारी बने यदुनंदन सिंह , प्रथम आगमन पर गांव समेत अनेकों चौराहों पर हुआ भव्य स्वागत व सम्मान
जनपद सीतापुर के विकास खंड पहला अंतर्गत ग्राम पंचायत नया गांव (थाना रामपुर कलां) निवासी यदुनंदन सिंह यादव ने समीक्षा अधिकारी (RO) के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से पूरे इलाके में हर्ष और गर्व का माहौल है।
बताया जाता है कि यदुनंदन सिंह वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी (सिपाही) के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में अयोध्या पुलिस लाइन में तैनात हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ-साथ कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने यह सफलता हासिल की, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा महमूदाबाद स्थित सेठ रामगुलाम पटेल मेमोरियल इंटर कॉलेज से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर लाल नेहरू पॉलिटेक्निक, महमूदाबाद से सिविल ट्रेड में डिप्लोमा किया। उनके पिता स्वर्गीय रामेंद्र सिंह सिंचाई विभाग में नलकूप चालक के पद पर कार्यरत थे, जिनका वर्ष 2019 में निधन हो गया। उनकी माता महेशा देवी गृहिणी हैं। परिवार में बहन अंबेश्वरी, भाई दुर्गेश कुमार (एनसीसी ऑफिसर), युगराज सिंह (लेखपाल की तैयारी में) तथा ललित कुमार (सिंचाई विभाग, सिधौली में क्लर्क) हैं।
समीक्षा अधिकारी बनने के बाद 12 अप्रैल 2026 को जब यदुनंदन सिंह अपने पैतृक गांव नया गांव पहुंचे, तो क्षेत्रवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। भंडिया चौराहा, कुंवर गड्डी चौराहा और नया गांव चौराहा सहित कई स्थानों पर लोगों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका अभिनंदन किया।
बेहमा स्थित सहयोग छात्र शिक्षा समिति कार्यालय में संस्था प्रमुख धर्मेंद्र कुमार पासवान द्वारा उन्हें मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं, रामपुर भुजंग रोड स्थित यादव मेडिकल स्टोर पर समाजसेवी रंजीत यादव ने उनका अनोखे अंदाज में स्वागत करते हुए लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया, जो पूरे कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे और यदुनंदन सिंह को शुभकामनाएं दीं। बधाई देने वालों में ब्लॉक प्रमुख पहला रावेंद्र यादव उर्फ अजय यादव, प्रतिनिधि उपेंद्र यादव, शिवेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी एवं समाजसेवी रंजीत यादव,अनुज यादव प्रधान सदरावां , विनोद यादव, श्रवण वर्मा , ए के विश्वकर्मा, मनोज पासवान, धर्मेंद्र सिंह पासवान, मंजीत यादव, बबलू गुप्ता, पंकज सोनी , रितेश सोनी, आशीष कुमार, अरुण कुमार, सत्येंद्र सिंह , रंजीत यादव सहित अनेक लोग शामिल रहे।
यदुनंदन सिंह यादव की यह सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है।