
बुखार से दो मौतों के बाद भी नहीं चेत रहे सीएचसी अधीक्षक
नैमिष टुडे, अभिषेक शुक्ला
लहरपुर सीतापुर नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र मे स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्य प्रणाली के चलते जहाँ एक तरफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उमड़ रही मरीजों की भारी भीड़ को जबरदस्त परेशानी हो रही है वहीं नगर सहित पूरे क्षेत्र मे डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, वायरल फीवर का आतंक चरम पर है l बीते एक सप्ताह के भीतर नगर मे बुखार के चलते दो मौतें होने के बाद से स्थिति और अधिक चिन्ताजनक हो चली है किन्तु इसके बावजूद भी स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक की भ्रष्ट कार्यशैली ज्यों की त्यों बनी हुई है l उनकी तैनाती के बाद से ही लगभग डेढ़ माह का समय बीत जाने के बाद भी तहसील मुख्यालय पर रात्रि निवास ना करना और लखनऊ मुख्यालय से 12 बजे सीएचसी पहुंचना और शाम 4 बजे ही रवाना हो जाना लोगों के बीच चर्चा का बिषय बना हुआ है l बताते चलें कि बीते शुक्रवार को नगर के मोहल्ला इंद्रानगर मे हरिशंकर जायसवाल की पुत्री मानसी जायसवाल की फीवर के कारण अचानक मौत हो गईं और बुधवार को अफसर हुसैन की बेटी जारा की डेंगू के कारण मौत हो गईं थी जिसके बाद से ही लोगों के बीच खौफ का माहौल है l इस सम्बन्ध मे जब सीएचसी अधीक्षक अरविन्द बाजपेई से उनका पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर बात करने का प्रयास किया गया तो कई बार मिलाने के बाद भी उनका फ़ोन नहीं उठा l वहीं दूसरी तरफ जब इस सम्बन्ध मे उप जिलाधिकारी आकांछा गौतम से बात की गईं तो उन्होंने कहा कि जल्द ही कीटनाशकों के छिड़काव के लिए सम्बंधितों को निर्देशित किया जायेगा और कस्बे मे पालिका प्रशासन द्वारा जल्द ही फागिग कराई जाएगी l जब इस सम्बन्ध मे अधिशाषी अधिकारी अनिरुद्ध पटेल से बात की गईं तो उन्होंने कहा कि नगर मे रोस्टर के हिसाब से फागिंग कार्य हो रहा है और डेंगू प्रभावित वार्डों मे एंटी लार्वा का विशेष रूप से छिड़काव कराया जायेगा l लेकिन सच्चाई के आईने मे झांके तो अस्पताल प्रशाशन सहित कोई भी जिम्मेदार अधिकारी जन स्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रहा है और आम जनमानस मरने या प्राइवेट/ झोलाछाप डॉक्टरों के हाथों लुटने को मजबूर है l