
दिव्य देवी दरबार आश्रम के महंत जगदीश्वरानंद महाराज जी हुए ब्रह्मलीन
आध्यात्मिक जगत स्तब्ध, महंत जी के निधन से संत समाज को गहरा आघात, शोक में डूबे श्रद्धालु
वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के समीप दिव्य देवी दरबार आश्रम के पूज्य महंत 1008 श्री दंडी स्वामी श्री जगदीश्वरानंद महाराज जी (84) 12 मई 26 दिन मंगलवार को अपराह्न लगभग 2.45 बजे ब्रह्मलीन हो गए। ब्रह्मलीन होने से संत समाज,श्रद्धालुओं एवं समस्त क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। स्वामी श्री श्री जगदीश्वरानंद महाराज जी एक महान संत, तपस्वी एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, सेवा, साधना एवं मानव कल्याण के कार्यों में समर्पित कर दिया। उनके श्रीमुख से निकले वचन हजारों भक्तों के लिए प्रेरणा एवं जीवन-पथ का प्रकाश बने रहे। वे सदैव सनातन धर्म की मर्यादा, वैदिक परंपरा तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण हेतु समर्पित रहे। दिव्य देवी दरबार आश्रम को उन्होंने केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धा,सेवा और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनाते हुए मां विंध्यवासिनी जी का नव्य, भव्य, दिव्य मंदिर बनवा कर उन्हें मंदिर में स्थापित भी किया। महंत जी के सान्निध्य में असंख्य लोगों ने आत्मिक शांति एवं धर्ममार्ग का अनुभव किया। उनका स्नेह, सरलता, करुणा और अनुशासन सदैव भक्तों के हृदय में अमिट स्मृति के रूप में जीवित रहेगा। आज उनका देहावसान समस्त भक्तजनों के लिए अपूरणीय क्षति है, किन्तु उनके द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संस्कार एवं सदैव समाज का मार्गदर्शन करती रहेंगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल श्रद्धालुओं एवं भक्त परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दें। महंत जी के ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही आश्रम के प्रमुख पुजारी श्री नागेश पांडे, मंदिर के पुजारी श्री भोलानाथ पांडे, श्री उदय शंकर सिंह, श्री आशीष दुबे,श्री योगेश दुबे, श्री प्रमोद सिंह श्री राजेश जायसवाल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पर पहुंच कर उनका अंतिम दर्शन किए।