जन-शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 14 अधिकारियों का सिंतबर माह का वेतन बाधित*

*जन-शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले 14 अधिकारियों का सिंतबर माह का वेतन बाधित*

 

*छह अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब*

 

*जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम*

मुकेश सिंह

देवरिया

 

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवरिया एवं तीन थानाध्यक्षों सहित 14 अधिकारियों का सिंतबर माह का वेतन बाधित कर दिया है। साथ ही डिफॉल्टर श्रेणी में रहने वाले छह कार्यालयों के कार्यालयाध्यक्षों से स्पष्टीकरण तलब किया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण शासन की मंशानुरूप निर्धारित समयावधि में एवं उच्च गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं करने वाले लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

जिलाधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त माननीय मुख्यमंत्री संदर्भ, सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन संदर्भ, मंडलायुक्त संदर्भ, पीजीपोर्टल भारत सरकार, संपूर्ण समाधान दिवस तथा जिलाधिकारी जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई विभागों के उत्तरदायी अधिकारियों द्वारा शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया जा रहा है, जिससे कई प्रकरण डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए हैं।

 

जन सुनवाई के डिफाल्टर प्रकरण के निस्तारण के लिए 6 सिंतबर को बुलाई गई बैठक में 14 अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिनमें अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद देवरिया, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण), अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत रुद्रपुर, खान निरीक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी बरहज, एडीओ पंचायत भटनी, एडीओ पंचायत भलुअनी, चकबंदी अधिकारी भाटपार रानी, थानाध्यक्ष भटनी, थानाध्यक्ष सलेमपुर, थानाध्यक्ष रुद्रपुर, चिकित्सा अधिकारी पीएचसी/सीएचसी भागलपुर और अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बरहज शामिल थे। इन सभी अधिकारियों के सिंतबर माह के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है।

 

इसी प्रकार जनसुनवाई पोर्टल को प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु बार-बार दिए जा रहे निर्देशों का अनुपालन न करने पर छह अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में 8, खंड विकास अधिकारी देवरिया में 5, एडीओ पंचायत भवन में 5, जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में 3, एडीओ पंचायत कार्यालय भागलपुर में तीन और अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मझौलीराज कार्यालय में 3 संदर्भ डिफाल्टर श्रेणी में लंबित है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण शासन की प्राथमिकता का विषय है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनसुनवाई, आईजीआरएस, सी एम हेल्पलाइन, तहसील व थाना दिवस हेतु समय-समय पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी भी तरह कि कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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