
अंतरराष्ट्रीय: भारत की तरफ से सेना की लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल अनिन्दय सेनगुप्ता ने हिस्सा लिया तो चीन की तरफ से दक्षिणी तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक के प्रमुख, मेजर जनरल यांग लिन ने अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. ये मीटिंग खासतौर से पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी की पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) नंबर 15 पर डिसइंगेजमेंट के लिए की बुलाई गई थी. पीपी 15 पर दोनों देशों की एक-एक प्लाटून पिछले दो साल से आमने सामने है. जानकारी के मुताबिक, पीपी 15 के अलावा भारत की तरफ से डेपसांग प्लेन और डेमचोक जैसे विवादित इलाकों के समाधान का मामला भी उठाया गया था. भारत और चीन के बीच 16वें दौर की सैन्य वार्ता हुई. पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी की एयर स्पेस में भारत और चीन की वायुसेनाओं में चल रही तनातनी के बीच दोनों देश के कोर कमांडर्स ने रविवार को 12 घंटे लंबी एक अहम बैठक की.रविवार की सुबह 9.30 बजे ये मीटिंग शुरू हुई और रात 10 बजे तक चली. सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के बारे में फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की जा सकती है क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने सीनियर कमांडर्स और पॉलिटिकल-लीडरशिप से चर्चा करने के बाद ही बैठक के बारे में कोई बयान जारी करेंगे.