
ग्राम पंचायत बोहरा में भ्रष्टाचार की लिखी गई नई इबारत
शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने दिया अभयदान
सांडा/सकरन सीतापुर की ग्राम पंचायत बोहरा में सामुदायिक शौचालय के नाम पर उसके रखरखाव व मरम्मत के नाम पर निकाले गए फर्जी तरीके से हजारों रुपए
जबकि हकीकत ये है कि ओ जर्जर पड़ा हुआ अपने हालातों पर आंसू बहा रहा है
ग्रामीणों का कहना है कि पांच सालों में सामुदायिक शौचालय को चूना भी नसीब नहीं हुआ जिससे उसकी पुताई हो सके
आरोप यहां तक है कि सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर के पद पर प्रधान की भाभी तैनात है जिनका मानदेय भी प्रधान के द्वारा नहीं लगाया गया है
और तो और पूरी तरह से सामुदायिक शौचालय क्षतिग्रस्त है ना तो कभी समय से खुलता है अंदर से बाहर तक गंदगी फैली हुई है इसलिए ग्रामीणों को बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है जिससे काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है शिकायत कर्ता
जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि हमने नीचे से लगाकर ऊपर तक खंड विकास अधिकारी से लगाकर जिला अधिकारी तक शिकायती पत्र भी दिया लेकिन प्रधान को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होने की वजह से कोई भी कार्यवाही नहीं हुई रिबोर के नाम पर पैसे निकाले गए होम पाइप के नाम पर लाखों रुपए सचिव और प्रधान ने बंदर बांट कर लिए अभी तीन माह पूर्व बखतपुर मजरा बोहरा में पीली ईंटों से नाले का निर्माण प्रधान द्वारा किया गया था जिसकी ग्रामीणों द्वारा शिकायत भी की गई थी लेकिन जेई आर एस ने कमीशन के चक्कर में एम बी करके मानक विहीन नाले का पेमेंट करवा दिया आला अधिकारियों ने उसमें भी अभय दान दे दिया भ्रष्टाचार करते हैं अधिकारी और बदनाम करते हैं सरकार को जब सामुदायिक शौचालय के विषय में सहायक विकास अधिकारी पंचायत,सकरन प्रेम प्रकाश चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया संज्ञान में है इस पर कार्यवाही की जाएगी