
लम्भुआ में पत्रकार सम्मान की गूंज,कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग तेज
लम्भुआ के मदनपुर गांव में बीते दिनों अमित सिंह हत्याकांड के कबरेज के दौरान लम्भुआ कोतवाल द्वारा पत्रकार से अभद्रता का है मामला
लम्भुआ (सुल्तानपुर)। पत्रकार के साथ कथित अभद्रता की घटना को लेकर शुक्रवार को लम्भुआ तहसील परिसर में अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली, अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एकत्र हुए और जिलाधिकारी सुल्तानपुर को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी लम्भुआ को सौंपा उपजिलाधिकारी की व्यस्तता के कारण ज्ञापन नायब तहसीलदार अभयराज पाल ने प्राप्त किया। ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*कई संगठनों ने दिया खुला समर्थन-*
पत्रकारों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (हिन्द गुट), मानवाधिकार सुरक्षा संगठन, ऑर्गेनाइजेशन सुल्तानपुर तथा भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी संगठनों ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए संबंधित कोतवाली प्रभारी को तत्काल पद से हटाने की मांग की वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं। यदि उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाएगा तो यह सीधे-सीधे जनहित और पारदर्शिता पर प्रहार होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रशासन का आश्वासन-
इस दौरान उपजिलाधिकारी लम्भुआ गामिनी सिंगला (आईएएस) स्वयं पत्रकारों से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि ज्ञापन को गंभीरता से लिया जाएगा तथा प्रकरण से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर को अवगत कराया जाएगा उन्होंने आश्वासन दिया कि जांचोपरांत दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प- सभा में मौजूद पत्रकारों ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं,बल्कि पत्रकारिता के सम्मान और स्वतंत्रता की है। सभी संगठनों ने एकजुट होकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया कार्यक्रम के दौरान तहसील परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी गई अंत में प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए पत्रकारों ने कहा कि यदि न्याय में देरी हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पत्रकार सम्मान के मुद्दे पर समाज एकजुट है।