
84 कोसीय परिक्रमा में आस्था और अध्यात्म की त्रिवेणी का देखने को मिला अनूठा संगम
मिश्रित सीतापुर / महर्षि दधीचि की पावन धरा पर प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले चौरासी कोसी धार्मिक परिक्रमा आज अपने प्रथम पड़ाव कोरौना पहुंच गया है । इस परिक्रमा में आस्था , धर्म और अध्यात्म का एक अनूठा संगम देखने को मिला है । आज सुबह पहला आश्रम महंत नारायण दास द्वारा परम्परागत रूप से डंका बजाने के साथ ही आध्यात्म और आस्था के अनूठे संगम का शानदार आगाज हो गया है । भक्ति और मोक्ष की कामना से इस परिक्रमा में भाग ले रहे लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था । इस अनोखे धर्मपथ पर देश विदेश के लाखों श्रद्धालु , धर्म की मस्त फुहारों में भीगते से नजर आ रहे थे । कोई सन्त जहां फक्कड़ भाव से चिमटा बजाते हुए अपनी ही धुन में गुनगुनाता जा रहा था तो कोई सन्त पालकी में बैठ कर परम्परा का निर्वहन करते दिख रहा था। वहीं कोई सन्त डमरू की धुन पर सबको मंत्र मुग्ध कर रहा था । कई श्रद्धालु परिक्रमा पथ पर ही दण्डवत प्रणाम की मुद्रा में दिख रहे थे । ग्रामीण श्रद्धालु अपने नन्हे मुन्हे बच्चो के साथ साइकिल पर ही परिक्रमा मार्ग पर बढ़ रहा था । मध्य प्रदेश से आई कई महिला श्रद्धालु भगवान शालिग्राम और तुलसी जी के पौधे को अपने सिर पर रख कर परिक्रमा करती दिखी । कई बुजुर्ग डंडे के सहारे तो कई दिव्यांग ट्राई साइकिल से ही परिक्रमा की रांह पर बढ़ता जा रहा था। इस परिक्रमा में देश की विभिन्न संस्कृतियों के दर्शन एक साथ देखने को मिले । कई भक्त मंडल ढोल मंजीरे की धुन पर ही सम्मोहित से दिखे । यहां विभिन्न प्रदेशों के यात्रियों द्वारा परम्परागत लोकगीतों का मधुर स्वर बरबस सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है । बोल कड़ाकड सीताराम , जय श्री राम , राधे राधे , नैमिष धाम की जय के तेज जयकारे एक अलग ही धार्मिक माहौल का अहसास दे रहे थे। महर्षि दधीचि के त्याग और लोक कल्याण की धारा को लेकर मोक्ष के लिए की गई सिद्धि बुद्धि मुक्ति की परिचायक इस परिक्रमा में भारत देश के मध्य प्रदेश , हरियाणा , पंजाब , उत्तरांचल , राजस्थान , दिल्ली , छत्तीसगढ़ , बिहार , महाराष्ट्र आदि पड़ोसी देश नेपाल , भूटान के भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त सनातन धर्म परम्परा का पालन करते यह परिक्रमा कर रहे है । परिक्रमार्थियों पर पुष्प वर्षा हुई । परिक्रमा अध्यक्ष , साधू , सन्तो व पुरोहितों का किया सम्मान किया । डंके का पूजन किया । इस सनातन यात्रा में पहली बार आज प्रशासन द्वारा अनूठी पहल की गई जिसके चलते आज सुबह मिश्रित एसडीएम राजीव पांडेय द्वारा चक्रतीर्थ पुजारी राज नारायण पाण्डेय द्वारा वैदिक मंत्रोचार के मध्य सबसे पहले 84 कोसीय परिक्रमा समिति के अध्यक्ष व पहला आश्रम महंत नारायण दास जी का पूजन व माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया । इसके बाद परंपरागत ढंग से डंका लेकर चलने वाले घोड़े और डंके का पूजन किया गया । इसी क्रम में इस अद्भुत परिक्रमा में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रारंभिक परिक्रमार्थियों का एसडीएम अभिनव यादव मेला प्रभारी जनार्दन, सीओ विशाल गुप्ता , नैमिष थाना प्रभारी नवनीत मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मुनिंद अवस्थी प्रशासन कर्मियों द्वारा माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया वहीं सभी परिक्रमार्थियों के ऊपर पुष्प वर्षा भी की गई l