अमेरिका नें रूस-यूक्रेन युद्ध की दूसरी बरसी पर रूस पर 500 नए प्रतिबंधों का ऐलान कर नकेल कसी

 

अमेरिका ने युक्रेन पर चल रहे हमले और रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी की मौत को लेकर रूस पर 500 नए प्रतिबंध लगाए

रूस-यूक्रेन और हमास-इजरायल युद्ध से मानवता त्रस्त – प्रतिबंधों के विपरीत प्रभावों से त्रस्तता बढ़ेगी- सुलह कराना अंतिम उपाय- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर सर्वविदित है कि रूस यूक्रेन की लड़ाई को 2 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और 25 फरवरी 2024 से यह तीसरे वर्ष में प्रवेश कर गई है। उधर हमास-इजरायल युद्ध भी लंबा पीछे खींचा जा रहा है। दुनियां बट चुकी है और धड़ाधड़ एक दूसरे पर प्रतिबंधों की बौशार हो रही है जिसका दुष्टपरिणाम मानव प्रजाति पर ही पढ़ रहा है। क्योंकि प्रतिबंधों से उन वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बड़ रही है, सुविधियें घटेगी, शॉर्टेज मचेगी तो व्यवस्थाएं धुयस्थ होगी जिसका प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से दुष्टपरिणाम संबंधित चीजों से नागरिकों पर ही पड़ेगा जिसे रेखा अंकित करना होगा। संयुक्त राष्ट्र शायद इस स्थिति या पावर में नहीं है कि वैश्यविक विवादों या उपरोक्त दोनों युद्ध को रोक सके जिसका अंदेशा आज समाप्त हुए रायसोनी डायलॉग में भारतीय विदेश मंत्री ने के बयान में ही चलता है। इसके पूर्व भी माननीय पीएम कह चुके हैं कि संयुक्त राष्ट्र को सशक्त करने की जरूरत करनी होगी। वैसे तो अनेक देश अपने हालात और सुलभ परिस्थितियों को दिशा देने अनेक प्रतिबन्ध संबंधित देशों पर लगाते रहते हैं, उपरोक्त दोनों युद्ध जिसमें रूस यूक्रेन का अब तीसरा वर्ष शुरू हो चुका है ऊपर से आज दिनांक 24 फरवरी 2024 को अमेरिका नें रूस पर 500 नए प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है, मतलब साफ है की नकेल कसना है। मेरा मानना है यह स्थिति रूसी विपक्षी नेता और रूसी राष्ट्रपति के ध्रुविरोधी गैलेक्सी नवलेनी की मौत को लेकर निकाली गई भड़ास का नतीजा है। इन प्रतिबंधों के बल पर रूसपर नकेल कसना हो सकता है। चुंकि अमेरिका ने रूस पर फिर 500 नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया है, और रूस पर नकेल कसने की कोशिश की है, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्धि जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल माध्यम से चर्चा करेंगे, अमेरिका नें यूक्रेन पर चल रहे हमले और रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी की मौत को लेकर रूस पर 500 नए प्रतिबंध लगाए हैं।
साथियों बात अगर हम अमेरिका द्वारा रूस यूक्रेन युद्ध की दूसरी बरसी पर रूस पर 500 नए प्रतिबंध लगाने की करें तो, यूक्रेन पर हमले के दो साल बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। ये प्रतिबंध रूसी राष्ट्रपति के आलोचक और विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी की मौत के बाद लगाए गए हैं। इससे पहले भी अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की बौछार की हुई है। इनमें रूस के साथ व्यापार पर रोक के अलावा डॉलर में पेमेंट पर प्रतिबंध और रूसी व्यापारियों नेताओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे प्रतिबंध शामिल हैं। यूरोपीय यूनियन ने तो रूसी व्यापारिक जहाजों के अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले नहीं रोके हैं। ये हमले दो साल बाद भी उसी तेजी से जारी हैं। पुतिन ने कहा है कि वह यूक्रेन से नवनाजीवादी सरकार के खात्मे तक नहीं रुकने वाले हैं। रूस यूक्रेन के बीच जारी युध्द को दो वर्ष हो चुके है। इस युध्द में पश्चिमी देशों का यूक्रेन के तरफ झुकाव रहा है। युध्द में अमेरिका समेंत कई यूरोपीय देशों ने हथियार से लेकर कूटनीतिक सहयोग किया है। युध्द शुरू होते ही अमेरिका सहित सभी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। वहीं युध्द के दूसरी वर्षी पर बाइडन सरकार ने 500 से अधिक आर्थिक प्रतिबंध लगाए है। बता दें इसको लेकर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया अमेरिका ने रूस के खिलाफ 500 से ज्यादा नए प्रतिबंधों की वजह रूस का यूक्रेन पर हमला और विपक्षी नेता नवलनी की मौत को माना जा रहा है। अमेरिका के इस कदम से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका ने प्रतिबंधों के लिए 200 पन्नों की लिस्ट जारी की है। गौर करने वाली बात यह है कि इस लिस्ट से कंपनियां और मेटल सेक्टर, ज्यादा एनर्जी रिलेटेड पनिशमेंट और बैंकों रिलेटेड सेक्टर्स ने नाम गायब हैं। वहीं विशेषज्ञों की माने तो यह वास्तव में रूस की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाएगा ही, साथ ही अमेरिका की अर्व्यवस्था को भी इससे झटका लग सकता है। प्रतिबंधों में विदेशी बैंट भी शामिल हो सकते हैं, जो यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में लिए टेक्नोलॉजी और मैटिरियल की खरीद में मदद करते हैं।साथ ही ये बैंक रूस की मदद यूरेनियम और एल्यूमीनियम और निकल जैसी धातुओं के व्यापार में भी करते हैं. अमेरिका संभावित रूप से जमी हुई रूसी संपत्तियों को जब्त और बांट सकता है।प्रतिबंध का ऐलान करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि यूक्रेन के बहादुर लोग भविष्य की रक्षा और अपनी फ्रीडम के लिए लड़ते रहे हैं, वहीं नाटो भी अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूर और एकजुट हुआ है. उन्होंने कहा किअमेरिका यूक्रेन के समर्थन में रूस की आक्रमकता के लिए जवाबदेह ठहराना चाहते हैं। बता दें कि अमेरिका ने रूस के करीब 100 फर्मों पर सख्त बैन लगाया है।
साथीयों बात अगर हम रूसी विपक्षी नेता गैलेक्सी नवलेनी की मौत और 500 प्रतिबंधों की करें तो, अमेरिका ने यूक्रेन पर चल रहे हमले और रूस के विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी की मौत को लेकर रूस पर 500 नए प्रतिबंधों का एलान किया है। यूक्रेन पर रूसी हमले के दो साल पूरे होने के मौक़े पर एलान किए गए इन प्रतिबंधों में रूस के प्रमुख कार्ड पेमेंट सिस्टम, आर्थिक और सैन्य संस्थानों और नवेलनी की आर्कटिक सर्कल जेल के अधिकारी भी शामिल हैं। उधर यूरोपीय यूनियन ने भी सैन्य तकनीक को लेकर नए प्रतिबंधों की एलान किया है।गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सैन फ़्रांसिस्को में नवेलनी की पत्नी और बेटी से मुलाक़ात की थी।उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि नवेलनी की मौत के लिए रूस के राष्ट्रपति को दोषी ठहराया जाना चाहिए।अमेरिका के इन नए प्रतिबंधों में क़रीब 100 फर्म और ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्हें निर्यात पर प्रतिबंध का सामना करना है। अमेरिका ने जेल में बंद विपक्षी नेता अलेक्सी नवालनी की मौत और यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को लेकर शुक्रवार को रूस पर 500 नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसका लक्ष्य उसकी ऊर्जा आय को और कम करना है, जो युद्ध के प्रयासों को बढ़ावा देती है और बनाए रखती है।अमेरिका ने रूसी युद्ध को पिछले दरवाजे से समर्थन देने वाले देशों के खिलाफ भी 100 प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनमें चीन, संयुक्त अरब अमीरात और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा, ये प्रतिबंध नवालनी के कारावास से जुड़े व्यक्तियों के साथ-साथ रूस के वित्तीय क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक आधार, खरीद नेटवर्क और कई महाद्वीपों को प्रभावित करेंगे।उन्‍होंने कहा, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि पुतिन को विदेश में अपनी आक्रामकता और घरेलू स्तर पर दमन के लिए और भी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। 47 वर्षीय नवालनी की 16 फरवरी को रूसी जेल में मौत हो गई थी। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में अपने सैनिकों को भेजने के बाद से अमेरिका ने रूस में 2,000 से अधिक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि उनकी ऊर्जा आय और युद्ध के लिए सामग्री बनाने के स्रोतों को निचोड़कर रूस को युद्ध जारी रखने से रोका जा सके। लेकिन लगता होता है कि रूस डरने से कोसों दूर है। इसकी अर्थव्यवस्था 2023 में 3 प्रतिशत बढ़ी, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। रूस इसलिए युद्ध जारी रखे हुए है, क्‍योंकि वह अब फायदे में है। विशेष रूप से यूक्रेन के शस्त्रागार में हथियारों की कमी हो गई है और उसे हथियारों की आपूर्ति की सख्त जरूरत है। यूक्रेन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा निधि देने वाला एक कानून अमेरिकी कांग्रेस के सदन कैपिटल हिल पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच राजनीतिक लड़ाई में फंस गया है।बाइडेन ने अतिरिक्त सुरक्षा निधि विधेयक को मंजूरी देने के लिए प्रतिनिधि सभा को नियंत्रित करने वाले रिपब्लिकन पर दबाव डालते हुए कहा :इतिहास देख रहा है। इस महत्वपूर्ण क्षण में यूक्रेन का समर्थन करने में विफलता को भुलाया नहीं जाएगा। अब हमारे लिए यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़े होने और अपने सहयोगियों व साझेदारों के साथ एकजुट होने का समय है। अब यह साबित करने का समय आ गया है कि अमेरिका आजादी के लिए खड़ा है और किसी के सामने नहीं झुकता। ये अतिरिक्त प्रतिबंध दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच संबंधों में और गिरावट व दोनों पक्षों द्वारा तीखी भाषा के आदान-प्रदान के बीच लगाए गए हैं।बाइडेन ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने अगले चुनाव अभियान के लिए धन जुटाने के कार्यक्रम में पुतिन को पागल एसओबी कहा था और पुतिन ने बाइडेन को अमेरिका का पसंदीदा राष्ट्रपति कहकर उन पर तंज कसा था। यूक्रेन पर हमले के दो साल बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। ये प्रतिबंध रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक और विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी की मौत के बाद लगाए गए हैं। इससे पहले भी अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की बौछार की हुई है। इनमें रूस के साथ व्यापार पर रोक के अलावा डॉलर में पेमेंट पर प्रतिबंध और रूसी व्यापारियों नेताओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे प्रतिबंध शामिल हैं। यूरोपीय यूनियन ने तो रूसी व्यापारिक जहाजों के अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले नहीं रोके हैं। ये हमले दो साल बाद भी उसी तेजी से जारी हैं। पुतिन ने कहा है कि वह यूक्रेन से नवनाजीवादी सरकार के खात्मे तक नहीं रुकने वाले हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि अमेरिका नें रूस-यूक्रेन युद्ध की दूसरी बरसी पर रूस पर 500 नए प्रतिबंधों का ऐलान कर नकेल कसी।अमेरिका ने युक्रेन पर चल रहे हमले और रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलेनी की मौत को लेकर रूस पर 500 नए प्रतिबंध लगाए।रूस-यूक्रेन और हमास-इजरायल युद्ध से मानवता त्रस्त- प्रतिबंधों के विपरीत प्रभावों से त्रस्तता बढ़ेगी- सुलह कराना अंतिम उपाय है।

*-संकलनकर्ता लेखक- कर विषेशज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र*

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