
महमूदाबाद में सपा के दो नेताओं के बीच घमासान*, *रंगदारी के आरोप में एफआईआर दर्ज
चेयरमैन आमिर अराफात और सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव आमने-सामने, दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप
महमूदाबाद, सीतापुर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद में समाजवादी पार्टी के दो स्थानीय नेताओं के बीच चल रहा विवाद अब थाने और मुकदमे तक पहुंच गया है। नगर पालिका परिषद महमूदाबाद के अध्यक्ष आमिर अराफात और सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव के बीच चल रहे हाईप्रोफाइल विवाद में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत तहसील समाधान दिवस के दौरान हुई, जब नगर पालिका अध्यक्ष आमिर अराफात ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत देकर शिवेंद्र प्रताप यादव पर गंभीर आरोप लगाए। चेयरमैन का आरोप है कि शिवेंद्र यादव उन पर नियमों के विपरीत कार्य करने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि उनकी बात नहीं मानने पर सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी तथा नगर पालिका की छवि खराब करने का प्रयास किया गया और उनसे दो लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी गई।
वहीं, सपा नेता शिवेंद्र प्रताप यादव ने चेयरमैन के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि एक रास्ता बनवाने के नाम पर स्वयं चेयरमैन आमिर अराफात ने उनसे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रकम नहीं देने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है। एफआईआर दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस ने शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल शुरू कर दी है।
एक ही राजनीतिक दल से जुड़े दो स्थानीय नेताओं के बीच सड़क से लेकर थाने तक पहुंचा यह विवाद महमूदाबाद की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।