
ओडीएफ के दावों की खुली पोल, सड़क और खड़ंजे पर खुले में शौच को मजबूर ग्रामीण
कुंडा/प्रतापगढ़। बाबागंज ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्ति के दावों की जमीनी हकीकत सामने आई है। पुरैली मखदूमपुर ग्राम पंचायत के बुद्धिधर गांव के पास सड़क और खड़ंजे पर खुले में शौच किए जाने से चारों ओर गंदगी का आलम है। इससे राहगीरों के साथ-साथ पास स्थित कॉलेज के विद्यार्थियों को भी आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को अब तक व्यक्तिगत शौचालय का लाभ नहीं मिला है। घर में शौचालय नहीं होने के कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वहीं ग्राम पंचायत में बनाया गया सामुदायिक शौचालय भी बदहाली का शिकार बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय की नियमित सफाई नहीं होती, जिसके चलते लोग उसका इस्तेमाल करने से बचते हैं।
सड़क और खड़ंजे पर गंदगी से बढ़ी परेशानी
बुद्धिधर गांव के पास सड़क और खड़ंजे पर खुले में शौच के कारण गंदगी फैली हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक आसपास बदबू का वातावरण बना रहता है। इसी मार्ग से कॉलेज के विद्यार्थी भी आते-जाते हैं, जिससे उन्हें गंदगी और दुर्गंध के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से मामले की जांच कराकर पात्र परिवारों को शौचालय का लाभ दिलाने, सामुदायिक शौचालय की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने और सार्वजनिक रास्ते पर फैली गंदगी की तत्काल सफाई कराने की मांग की है।अब सवाल यह है कि कागजों में स्वच्छता के दावों के बीच गांव की सड़क और सार्वजनिक रास्ते खुले में शौच की गंदगी से कब मुक्त होंगे।