
आवासीय क्षेत्रों में धड़ल्ले से संचालित हो रहे ओयो होटल, नियम-कायदों पर उठे सवाल
ब्लाक कार्यालय के सामने भी संचालन का आरोप, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जांच व कार्यवाही की उठाई मांग
मिश्रित सीतापुर। महर्षि दधीचि की पावन तपो भूमि कस्बा मिश्रित व नैमिषारण्य के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में दर्जनों ओयो होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे संचालित किए जाने का मांमला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है । कि कई प्रतिष्ठानों का संचालन आवासीय क्षेत्रों में किया जा रहा है । जहां व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर नियमों की अनदेखी किए जाने की आशंका है।कस्बा मिश्रित में ब्लाक कार्यालय के ठीक सामने आवासीय क्षेत्र में भी एक ओयो होटल संचालित होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा सीतापुर-हरदोई मार्ग, कुतुबनगर मार्ग, नैमिषारण्य मार्ग और सिधौली मार्ग सहित कई स्थानों पर आवासीय इलाकों में इस प्रकार के प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ होटल संचालकों द्वारा यह दावा किए जाने की चर्चा है । कि उनके प्रतिष्ठानों की कोई अधिकारी विधिक जांच नहीं कर सकता है । ऐसे दावों को लेकर भी लोगों में असमंजस की स्थिति है। लोगों का कहना है कि यदि इन प्रतिष्ठानों का संचालन नियमानुसार हो रहा है । तो संबंधित विभागों द्वारा पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा, भवन उपयोग, पुलिस सत्यापन और अन्य आवश्यक मानकों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है । जानकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बिजनेस चैन और सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से होटल, होम स्टे और ओयो रूम जैसी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। ऐसे प्रतिष्ठानों में कुछ आवासीय क्षेत्रों में भी संचालित होने की बात सामने आती रहती है। उनका कहना है कि जहां व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है, वहां इस प्रकार के प्रतिष्ठानों के संचालन की जांच आवश्यक है।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गेस्ट हाउस, होम स्टे और ओयो होटल सहित ऐसे सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाया जाना चाहिए। इनमें ठहरने वाले लोगों का विवरण दर्ज करने, पहचान सत्यापन, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
पुलिस व प्रशासन की
जवाबदेही तय करने की मांह
लोगों ने शासन और प्रशासन से मिश्रित व नैमिषारण्य क्षेत्र में संचालित हो रहे ऐसे प्रतिष्ठानों का सर्वे कराकर उनके पंजीकरण, भवन उपयोग और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही स्थानीय पुलिस द्वारा इन प्रतिष्ठानों में आने-जाने वाले लोगों के सत्यापन और अभिलेखों की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग भी उठाई गई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो भविष्य में सामाजिक और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।