
वंदे मातरम कानून बनने पर रामनगरी में संतों ने मनाई दीवाली,बांटी मिठाई,इकबाल अंसारी बोले- भारत माता की जय
अयोध्या।वंदे मातरम कानून बनने के बाद रामनगरी अयोध्या में दीवाली जैसे उत्सव का माहौल दिखा।संतों-महंतों और श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर,पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।संत समाज ने इसे राष्ट्र सम्मान और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया।संतों ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
दिवाकराचार्य और जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं,बल्कि देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है।इस निर्णय से देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध होगा।
इस मौके पर मौजूद बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। इकबाल अंसारी ने कहा कि वंदे मातरम का बिल पास हुआ है। हम प्राइमरी स्कूल से पढ़े हुए हैं,हमने कभी वंदे मातरम का विरोध नहीं किया है,यही कारण है कि यह खुशी हम संतों के साथ मना रहे हैं।कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान प्रत्येक भारतीय का नैतिक दायित्व है,इनका विरोध नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा। संत समाज ने दीपोत्सव,आतिशबाजी और मिठाई वितरण के बीच इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के उद्घोष के साथ अपनी खुशी व्यक्त की।संतों ने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की।