
क्या ? ग्राम पंचायत तारपारा में पड़ेंगे भूतिया वोट
मतदाता सूची में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप, ग्रामीणों और युवाओं में भारी आक्रोश
विकास मिश्रा संवाददाता नैमिष टुडे
सकरन/सीतापुर
विकास खंड सकरन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत तारपारा में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक (मास्टर) मनोज कुमार व बीएलओ सुभाषिनी वर्मा ने विपक्षियों से मिलीभगत कर मतदाता सूची में भारी हेरफेर की है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के जागरूक नागरिकों और युवाओं ने आरोप लगाया है कि इस सूची में ऐसे कई लोगों के नाम धड़ल्ले से शामिल हैं, जिनकी वर्षों पहले मृत्यु हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, नियम के मुताबिक जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है और जो नए मतदाता बनने के पात्र थे, उनके नामों को जानबूझकर सूची में शामिल नहीं किया गया है।
**युवाओं में भारी आक्रोश, लोकतंत्र के अधिकार से वंचित करने की साजिश**
इस धांधली के सामने आने के बाद गांव के 18 वर्ष से ऊपर के नवयुवकों में शासन और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित युवाओं का कहना है कि यह उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है। सूची में नाम न होने के कारण वे ग्राम स्तर (पंचायत चुनाव) से लेकर राज्य और देश स्तर (विधानसभा व लोकसभा चुनाव) तक सरकार चुनने में अपना बहुमूल्य मतदान नहीं कर पाएंगे। युवाओं ने सीधे तौर पर संबंधित शिक्षक और विपक्षी दलों की मिलीभगत को इस पूरी साजिश का जिम्मेदार ठहराया है।
**शासन-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग**
ग्राम पंचायत तारपारा के ग्रामीणों और आक्रोशित युवाओं ने जिला प्रशासन, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम सीतापुर) और शासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। ग्रामीणों की मांग है कि:
1. इस पूरे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
2. दोषी शिक्षक मनोज कुमार और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
3. मृत मतदाताओं के नाम सूची से तुरंत हटाए जाएं और गांव के सभी पात्र 18 वर्ष से ऊपर के युवाओं के नाम प्राथमिकता के आधार पर जोड़कर नई व निष्पक्ष मतदाता सूची जारी की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर मामले में जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे तहसील और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।