81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा महमूदाबाद पहुंची, शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान

81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा महमूदाबाद पहुंची, शंकराचार्य ने गौ संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान

महमूदाबाद, सीतापुर
ज्योतिर्मठ एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार शाम अपनी 81 दिवसीय गविष्ठ (गो-रक्षार्थ–धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत महमूदाबाद पहुंचे। रामा कृष्णा मैरिज लॉन में आयोजित स्वागत समारोह में जिले समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संत-महात्मा, गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल “गौमाता राष्ट्रमाता हो”, “जय गौ माता” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
शंकराचार्य के आगमन से पूर्व हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में लोग घंटों तक कार्यक्रम स्थल पर उनके आगमन का इंतजार करते रहे। उनके पहुंचते ही पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने भी उनका स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन के बाद विशाल जनसभा आयोजित की गई।
जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि 81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा का उद्देश्य देशभर में गौ संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चलाना है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराने तथा समाज में गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय को मातृस्वरूप माना गया है। इसलिए गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय दायित्व से भी जुड़ा हुआ है।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारें स्वयं को हिंदू हितैषी बताती हैं, तो गाय को अब तक राष्ट्रमाता का दर्जा क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने 40 दिनों के भीतर गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि केवल नारों और भाषणों से गौ संरक्षण संभव नहीं है। इसके लिए प्रभावी कानून, सख्त प्रशासनिक व्यवस्था और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी सनातन धर्मावलंबियों से गौ सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि गविष्ठ यात्रा का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम में ओम प्रकाश वर्मा, डॉ. अनुरुद्ध वर्मा, अजय द्विवेदी, नवनीत शुक्ला, ऋषिराज सिंह, हर्षित सोनी, शरद मिश्रा, प्रवीण यादव, पुष्कर शुक्ला, राहुल रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता, गौभक्त एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन गौ संरक्षण और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ किया गया।

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