
सांप पकड़ने बुलाए गए दो भाइयों पर उल्टा लूट का आरोप: पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप, 5 माह की गर्भवती महिला को भी पीटा
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के अलीगंज बाजार क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सांप पकड़ने के लिए बुलाए गए दो भाइयों पर उल्टा वाहन छीनने का आरोप लगाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस हिरासत में दोनों भाइयों के साथ गंभीर मारपीट की गई और उन्हें छुड़ाने पहुंची 5 महीने की गर्भवती महिला के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रेशमा बेगम, जो सुल्तानपुर जिले के अलीगंज बाजार की रहने वाली हैं, ने बताया कि उनके पति बरकत अली और देवर सलामत अली दोनों सगे भाई हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। 1 अप्रैल को इलाके के कुछ लोग उनके घर आए और कहा कि उनके घर में सांप घुस गया है, इसलिए वे दोनों भाइयों को चलकर मदद करनी होगी।
परिजनों के मुताबिक जब बरकत अली और सलामत अली उन लोगों के साथ जाने लगे, तभी बुलाने आए लोगों ने कथित रूप से उनकी दोपहिया गाड़ी छीन ली। आरोप है कि इसके बाद उन्हीं लोगों ने पुलिस को फोन कर उल्टा शिकायत कर दी कि बरकत अली और सलामत अली ने उनकी गाड़ी छीन ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों को पकड़कर चौकी और फिर थाने ले गई।
रेशमा बेगम का आरोप है कि थाने में उनके पति और देवर के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो वह थाने पहुंचीं। रेशमा का कहना है कि वह करीब पांच महीने की गर्भवती हैं, इसके बावजूद उन्हें भी धक्का देकर गिराया गया और सिर व पेट पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन पर पटक-पटक कर पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
पीड़िता का कहना है कि इस घटना के बाद से वह बेहद डरी हुई हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है। उनका कहना है कि उनके परिवार की आजीविका पूरी तरह उनके पति और देवर पर ही निर्भर है। यदि उन्हें जेल भेज दिया गया या उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो उनके परिवार के सामने भूखमरी की स्थिति खड़ी हो जाएगी।
रेशमा बेगम ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनके पति बरकत अली तथा देवर सलामत अली को सही सलामत पुलिस हिरासत से रिहा कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि किसी ने झूठी शिकायत कर उन्हें फंसाने की कोशिश की है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।