
क्षमता निर्माण आयोग ने लखनऊ में प्रौद्योगिकी, iGOT और एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की
भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (CBC) ने आज उत्तर प्रदेश के लखनऊ में प्रौद्योगिकी, iGOT तथा एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला टास्क फोर्स 3 (TF-3) के अंतर्गत आयोजित की गई तथा भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM), लखनऊ में सम्पन्न हुई। इसमें उत्तरी राज्यों के राज्य सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों (CSTIs) के लगभग 60 से अधिक अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें से कुछ प्रतिभागी ऑनलाइन भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में क्षमता निर्माण आयोग की प्रधान सलाहकार सुश्री चंद्रलेखा मुखर्जी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उत्तरदायी एआई-सक्षम प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM) के महानिदेशक श्री रंजन प्रकाश ठाकुर ने प्रतिभागियों की उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा उभरते डिजिटल और एआई-आधारित क्षमता निर्माण दृष्टिकोणों के लिए संस्थागत तत्परता को सुदृढ़ करने में इस कार्यशाला के महत्व को रेखांकित किया।
टास्क फोर्स 3 के अध्यक्ष श्री सिबिचेन मैथ्यू ने TF-3 के औचित्य एवं विषयगत प्राथमिकताओं पर प्रस्तुति दी तथा न्यूनतम डिजिटल अवसंरचना मानकों, संरचित डिजिटल तत्परता ढांचे तथा प्रशिक्षण गुणवत्ता के सुसंगत मानकों की आवश्यकता पर बल दिया।
तकनीकी सत्रों में टास्क फोर्स के सदस्यों एवं विशेषज्ञों द्वारा विषय-विशेष प्रस्तुतियाँ दी गईं।
एनसीए-एफ के उपमहानिदेशक श्री कमल कपूर ने प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण ढांचे पर प्रकाश डाला, जिसमें आधारभूत डिजिटल अवसंरचना तथा मान्यता से जुड़े तत्परता संकेतकों पर विशेष ध्यान दिया गया।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के अतिरिक्त निदेशक श्री राजकुमार बाजपेयी तथा एनएडीटी के संयुक्त निदेशक श्री सतीश मेनन ने iGOT पाठ्यक्रम गुणवत्ता एवं प्राथमिकता निर्धारण ढांचे पर प्रस्तुति दी, जिसमें मिश्रित शिक्षण (ब्लेंडेड लर्निंग) मानकों तथा संकाय की डिजिटल दक्षता के विकास पर बल दिया गया।
कर्मयोगी भारत के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री राकेश वर्मा ने एआई-सक्षम प्रशिक्षण उपकरणों एवं सुरक्षा उपायों पर सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें उत्तरदायी एआई अपनाने, डेटा नैतिकता तथा संस्थागत तैयारी पर चर्चा की गई। जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी के पुलिस प्रशिक्षण हेतु ‘प्रथम’ प्रशिक्षण उपकरण पर महानिरीक्षक श्री बी.बी. राव द्वारा प्रस्तुति दी गई।
प्रतिभागियों ने संरचित समूह चर्चाओं में भाग लिया, जिसके पश्चात समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्रीय अनुभवों, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों तथा सुधार-उन्मुख सुझावों को साझा किया गया। चर्चाओं में विशेष रूप से प्रौद्योगिकी अपनाने, iGOT एकीकरण तथा एआई-सक्षम प्रशिक्षण गुणवत्ता संवर्धन के बीच अंतर्संबंधों पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए।
कार्यशाला का समापन प्रमुख निष्कर्षों के सार तथा आगे की कार्ययोजना के साथ किया गया।