
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर विरोध डिजिटल अभियान तेज
सुल्तानपुर। जिले में टीईटी अनिवार्यता से मुक्ति की मांग को लेकर शिक्षकों का आंदोलन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुखर हो गया है। डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर चल रहे हैशटैग जस्टिस_फॉर_टीचर्स अभियान के प्रथम चरण में रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर व्यापक डिजिटल अभियान संचालित किया गया।
दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस ऑनलाइन अभियान में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों—उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ तथा महिला शिक्षक संघ—सहित जनपद के हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। लगातार ट्वीट और रीट्वीट के माध्यम से अभियान को व्यापक समर्थन मिला। आयोजकों के हैशटैग ग्लोबल ट्रेंडिंग में शीर्ष स्थान पर रहा, जिसे वे शिक्षकों की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का परिचायक बता रहे हैं।
जिला प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि अभियान की सफलता में जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दिलीप कुमार पाण्डेय (जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ), देवेन्द्र त्रिपाठी (जिला अध्यक्ष, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ), गायत्री सिंह (जिला अध्यक्ष, महिला शिक्षक संघ) एवं डॉ हृषिकेश भानु सिंह (जिला मंत्री) सहित जनपदीय कार्यसमिति के सदस्यों ने समन्वय कर व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की।
दूबेपुर, कुड़वार, कूरेभार, जयसिंहपुर, कादीपुर, दोस्तपुर, मोतिगरपुर, करौंदी कला, लंभुआ, बल्दीराय, अखंड नगर, भदैया, धनपतगंज एवं पीपी कमायचा समेत विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने भी डिजिटल मंच पर सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षकों ने अपनी मांगों को संगठित तरीके से सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया।
आंदोलन के दूसरे चरण के अंतर्गत 23 से 25 फरवरी तक जनपद के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षण कार्य करते हुए अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। प्रशासन अथवा शासन स्तर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है !!