
सीतापुर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित जिला विज्ञान क्लब के तत्वाधान में तथा जिलाधिकारी डा0 राजा गणपति आर के निर्देशन में अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डॉ० योगेश चंद्र दीक्षित के समन्वयन में सरस्वती विद्या मंदिर मोहाली में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विजय भान, जिला सचिव, विधिक सेवा प्राधिकरण, सीतापुर ने दीप प्रचलित कर किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि आम जनमानस में अभी भी अंधविश्वास गहरी पैठ बनी हुई है। विज्ञान की सही जानकारी तथा किसी भी गतिविधि के पीछे वैज्ञानिक आधार जानकर हम उन अंधविश्वासों से बच सकते हैं जिसकी आड़ में ढोंगी लोग हमें ठगने का प्रयास करते हैं।
मेरठ से पधारी विज्ञान संचारक अंजलि ढाका ने अतिथियों एवं विद्यार्थियों के समक्ष अंधविश्वास फैलाने वाली विभिन्न गतिविधियों का पहले प्रदर्शन किया और बताया कि किस प्रकार ढोंगी लोग भोली भाली जनता को भ्रम में डालकर उनको ठगने का प्रयास करते हैं। फिर सभी गतिविधियों को प्रक्रियाओं के होने के पीछे वैज्ञानिक व्याख्या की।
सबसे पहले पानी से दीपक जलाने की प्रक्रिया दिखाई और बताया कि वास्तव में मोम लगी रुई बत्ती को पानी में रखकर प्रज्वलित किया जा सकता है। इसके उपरांत मुंह में जलते कपूर रखना, सर पर रख कपड़े को जलाकर चाय बनाना, हाथ पर रखे हुए नाली नारियल से धुआं उठाने तथा उसका हिलना, हाथ पर अग्नि का स्नान कराना आदि का प्रदर्शन कर उसकी वैज्ञानिक व्याख्या भी की। समापन एवं पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि देवेंद्र कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी महोली ने गतिविधियों को देखने के उपरांत उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षक शिक्षकों से आवाहन किया कि कार्यक्रम में सीखी हुई गतिविधियों का प्रचार प्रसार अधिक से अधिक अपने आस-पड़ोस में करते हुए अंधविश्वासों पर वार करें।
समन्वयक डॉ योगेश चंद्र दीक्षित ने कहा की वैज्ञानिक युग में भी अभी भी ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां पर लोग मनोबल कम होने के कारण इच्छा शक्ति की कमी के कारण लोगों के बहलाने फुसलाना में आ जाते हैं और जादू टोने में फंसकर अपना धन आदि ठगों के हाथों लुटा लेते हैं। हमें जागरूक बनने की जरूरत है और अंधविश्वासों को समाज से उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक एवं प्रधानाचार्य स्वामी नाथ द्विवेदी तथा प्रभारी अभिषेक शुक्ला के निर्देशन में इस अवसर पर निबंध भाषण तथा चित्रकारी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें महोली के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 70 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जबकि अंधविश्वास से संबद्ध गतिविधियों के प्रदर्शन में लगभग 350 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। बालिका वर्ग की भाषण प्रतियोगिता में प्रियंका प्रथम नैंसी द्वितीय आस्था तृतीय स्थान पर रही जबकि प्राची और अनुष्का को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ।
निबंध प्रतियोगिता में शौर्या को प्रथम, वर्षा को द्वितीय, दिव्या को तृतीय जबकि दर्शिका एवं आयुषी को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ।
चित्रकारी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रूपांशी, द्वितीय पर विन्या तृतीय स्थान पर आरुषि रहीं। रोहिणी तथा अंशी को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक शुक्ला ने किया जबकि अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद विद्यालय के प्रधानाचार्य स्वामी नाथ द्विवेदी ने किया।
प्रतियोगिताओं में अनिल शुक्ला, धनेश तिवारी, संतोष वर्मा, राजकुमार तिवारी, निर्मल वर्मा, ज्ञानेंद्र शुक्ला, अविनाश कुमार तथा श्याम नारायण मिश्र ने निर्णायक मंडल के सदस्यों के रूप में योगदान दिया।