भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति की ओर से चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं

भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति की ओर से

चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं

 

 

सम्राट अशोक महान जी का जन्म 304 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र में हुआ था

उनका पूरा नाम देवनांप्रिय अशोक मौर्य था

पिता का नाम बिंदुसार तथा माता का नाम शुभद्रांगी था

दादा का नाम चंद्रगुप्त मौर्य था

सम्राट अशोक का नाम संसार के महानतम व्यक्तियों में गिना जाता है

ईरान से लेकर बर्मा अशोक का साम्राज्य था

अशोक के समय मौर्य राज्य उत्तर में हिंदुकुश की श्रेणियों से लेकर दक्षिण में गोदावरी नदी के के दक्षिण तथा मैसूर,कर्नाटक तक तथा पूर्व में बंगाल से पश्चिम में अफगानिस्तान तक पहुंच गया था यह उस समय तक का सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य था

अशोक महान ने बौद्ध धर्म का प्रचार भारत के अलावा श्रीलंका,अफगानिस्तान,पश्चिम एशिया,मिस्र,तथा यूनान में भी करवाया

कलिंग युद्ध (जिसमे 1 लाख 50 सहस्र व्यक्ति बंदी बनाकर निर्वासित कर दिए गए ,1 लाख लोगों की हत्या कर दी गयी,1.5 लोग घायल हुए) मे हुई क्षति तथा नरसंहार के कारण उनका मन व्यथित हो गया

इसी शोक से उबरने के लिए वह बुद्ध के उपदेशों के करीब आते गए और अंत मे उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया

दिव्यादान के अनुसार सम्राट अशोक को बौद्ध धर्म मे दीक्षित करने का श्रेय उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु को जाता है

अशोक काल मे उकेरा गया प्रतीकात्मक चिन्ह जिसे हम अशोक चिन्ह के नाम से भी जानते है,आज भारत का राष्ट्रीय चिन्ह है

 

 

सम्राट अशोक जी जयंती पर सादर नमन

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