खां अरमान ने दी अलविदा जुमे की और ईद उल फितर की मुबारकबाद

 

विष्णु सिकरवार
आगरा। खां अरमान खान उस्मानी ने सभी को अलविदा जुमे की और ईद उल फितर की बहुत बहुत मुबारकबाद दी। सभी देशवासियों को समाज सेवक खां अरमान ने बताया कि क्‍यों मनाया जाता है अलविदा का जुमा। जुमुआतुल विदा आखिरी शुक्रवार की प्रार्थना या जुमुआ है; विदा का अर्थ है अंत, रमजान के अंत का जिक्र। छुट्टी का दूसरा नाम अलविदा जुम्मा है जिसका अर्थ है विदाई का शुक्रवार।
इस दिन के नाम का अर्थ है रमजान की विदाई। जुमुआतुल विदा अरबीर  जिसका अर्थ है विदाई का शुक्रवार, जिसे अल जुमुआ अल यतीमा अरबी या अनाथ शुक्रवार उदूर् है  अल विदा जुमा भी कहा जाता है) महीने का आखिरी शुक्रवार है। ईद उल फितर से पहले रमजान का. इस्लामिक मान्यता के मुताबिक, अल्लाह ने दुनिया को बनाने की शुरुआत इसी दिन की थी और हजरत आदम की पैदाइश भी इसी दिन हुई थी, इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि कयामत भी जुमे के दिन ही आएगी। जुमे को सभी दिनों का सरदार यानी सय्यद उल अय्याम कहा जाता है। इसलिए जुमे का दिन मुस्लिमों के लिए बेहद ही खास होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,नैमिष टुडे न्यूज़पेपर में आपका स्वागत है,यहाँ आपको हमेसा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9415969423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें