
लाखों रुपयों की सरकारी लागत से निर्मित कराए गए मिनी नलकूप लोगों को साबित हो रहे सफेद हांथी
मेला मैदान व डाक बंगला के पास पेयजल संकट, राहगीरों और साप्ताहिक बाजार के दुकानदारों को परेशानी
नैमिष टुडे /सवाददाता
मिश्रित, सीतापुर। कस्बा मिश्रित के नागरिकों और राहगीरों को शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद मिश्रित नैमिषारण्य द्वारा लाखों रुपये की सरकारी धनराशि खर्च कर मेला मैदान तथा डाक बंगला के निकट दो मिनी नलकूपों का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद करीब एक मांह तक इनका संचालन हुआ । लेकिन इसके बाद दोनों मिनी नलकूप पूरी तरह बंद पड़े हैं। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए यह नलकूप अब लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है । कि मिनी नलकूपों के बंद होने की शिकायत नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि एवं अधिशासी अधिकारी से कई बार सिकायत की जा चुकी है । लेकिन इसके बावजूद न तो इनकी मरम्मत कराई गई और न ही इन्हें पुनः चालू कराया गया। इससे भीषण गर्मी और उमस के बीच स्थानीय लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
साप्ताहिक बाजार में आने वाले सैकड़ों लोगों को परेशानी
मेला मैदान में स्थापित मिनी नलकूप से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को पेयजल उपलब्ध होता था। यहां प्रत्येक रविवार और गुरुवार को साप्ताहिक बाजार भी लगता है । जिसमें बड़ी संख्या में दुकानदार और ग्राहक पहुंचते हैं। नलकूप बंद होने के कारण बाजार में आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। दुकानदारों को भी पानी की व्यवस्था अपने स्तर से करनी पड़ रही है।वहीं डाक बंगला के निकट स्थापित मिनी नलकूप स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ यहां आने वाले राहगीरों और आगंतुकों के लिए पेयजल का प्रमुख साधन था। इसके बंद होने से इस क्षेत्र में भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पहले लगाए गए सोलर वाटर कूलर आज भी संचालित
गौरतलब है कि इससे पूर्व नगर पालिका परिषद मिश्रित नैमिषारण्य की चेयरमैन मुन्नी देवी के कार्यकाल में नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सोलर वाटर कूलर स्थापित कराए गए थे, जो आज भी संचालित बताए जा रहे हैं। बीमारी के चलते कार्यकाल के बीच मुन्नी देवी का निधन हो गया था। इसके बाद हुए मध्यावधि चुनाव में भाजपा विधायक रामकृष्ण भार्गव की सीमा भार्गव चेयरमैन पद पर निर्वाचित हुईं।वर्तमान कार्यकाल में ही लाखों रुपये की सरकारी लागत से उक्त दोनों मिनी नलकूपों का निर्माण कराया गया। लेकिन निर्माण के महज एक माह बाद ही इनके बंद हो जाने से इनकी गुणवत्ता, रखरखाव और संचालन व्यवस्था को लेकर आम नागरिकों के बीच सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े दोनों मिनी नलकूपों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें नियमित रूप से संचालित कराया जाए, ताकि राहगीरों, स्थानीय नागरिकों और साप्ताहिक बाजार में आने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।