
इसौली विधानसभा में नहीं है कोई नगर पंचायत
तहसील मुख्यालय बनने के बाद भी बल्दीराय नहीं बन सकी नगर पंचायत
सुल्तानपुर।जिले की इसौली विधानसभा में सदर व बल्दीराय तहसीलों की कई प्रमुख बाजारे शामिल है।जिनमें प्रमुख रूप से बल्दीराय,कुड़वार,अलीगंज व धम्मौर प्रमुख है।कुड़वार,अलीगंज को नगर पंचायत बनाने की कवायद कई बार शुरू हुई लेकिन नेताओं की मांगे परवान नहीं चढ़ सकी।लिहाजा इसौली विधानसभा में अभी तक कोई भी बाजार नगर पंचायत नहीं बन सकी।
बता दे कि रियासत के समय से कुड़वार बहुत ही पुरानी बाजार है।जिसकी आबादी इसौली विधानसभा के सभी गांवों में सबसे ज्यादा है।कुड़वार ग्राम पंचायत में सबसे अधिक मतदाता भी है।पूर्व में इसे नगर पंचायत बनवाने की कवायद नेताओं द्वारा शुरू की गई थी लेकिन आज तक नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त नहीं मिल सका।दशक भर पहले विधानसभा क्षेत्र के बल्दीराय बाजार को तहसील का दर्जा मिला।तहसील बनने के बाद फायर ब्रिगेड बनाने का कार्य शुरू हुआ।लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक फायर ब्रिगेड का ऑफिस नहीं बन सका। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वलीपुर बाजार में फायर टेंडर खड़ी करके क्षेत्र में लगने वाली आग को बुझाया जाता है।वही बल्दीराय तहसील मुख्यालय बनने के बाद भी आज तक नगर पंचायत का दर्जा नहीं प्राप्त कर सकी।बल्दीराय थाने को कोतवाली को दर्जा नहीं मिला।जिला मुख्यालय से बल्दीराय मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज बस की भी व्यवस्था नहीं हो सकी।आने जाने वालों को या तो निजी साधन से सफर करना पड़ता है या डग्गामार वाहनों के सहारे दूरी तय करनी पड़ती है।पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर बल्दीराय में कट बनाने की मांग भी काफी दिनों से उठ रही है लेकिन अभी तक कोई उस पर भी अमल नहीं की गई।वही जिले की अन्य विधानसभाओं की बात करे तो लंभुआ विधानसभा में तहसील मुख्यालय लंभुआ व कोइरीपुर नगर पंचायत के रूप में अस्तित्व में है।इसी तरह कादीपुर विधानसभा में कादीपुर तहसील मुख्यालय व दोस्तपुर कस्बा नगर पंचायत के रूप में कार्य कर रहा है। अब इसे इसौली की जनता का दुर्भाग्य समझे या जन प्रतिनिधियों की नाकामी कि अभी तक इसौली विधानसभा की किसी भी बड़े कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका।चुनाव में विकास की गंगा बहाने का वादा करने वाले नेताओं से इस बार इसौली की जनता सवाल जरूर पूछेगी।