
आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला! सकरन की सीडीपीओ पर नियमों का उल्लंघन का आरोप
विधवा महिला ने लगाया हक छीनने का आरोप, पात्रता के बावजूद चयन से बाहर जांच की मांग तेज
सकरन (सीतापुर):
विकासखंड सकरन में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती को लेकर अब मामला खुलकर जनसुनवाई पोर्टल तक पहुंच गया है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्राम मड़ोर निवासी ऊषा देवी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में सीडीपीओ सकरन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से चयन किया।
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार, प्रार्थिनी ऊषा देवी जो कि एक विधवा महिला हैं उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन किया था। शिकायत में उल्लेख है कि सभी पात्रताओं को पूरा करने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया, जबकि उनके स्थान पर कथित रूप से अपात्र अभ्यर्थी को चयनित कर दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि यह पूरा खेल सीडीपीओ स्तर से संचालित हुआ, जहां शासनादेशों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई बार संबंधित अधिकारी को फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे आगे उच्च स्तर पर शिकायत करने को मजबूर होंगी।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर सकरन के प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब पात्र अभ्यर्थियों को दरकिनार कर मनमानी की जा रही है, तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है। फिलहाल, जनसुनवाई में दर्ज यह शिकायत सकरन की आंगनबाड़ी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार की बड़ी परत खोलती नजर आ रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका चयन में अब सीडीपीओ सकरन पर भ्रष्टाचार के खुलकर आरोप लगने लगे हैं जिन्होने पूर्व वर्षों में अपनी ऊँची पहुँच व पकड़ के जरिए सकरन में आंगनबाड़ी चयन में बड़े फर्जीवाड़े कर अपात्रों का चयन करने का काम किया था जोकि पुनः एकबार फिर नियम कायदों को ताक पर रख फिर मनमानी चयन कर मोटी रकम हड़पने का काम करने जा रही हैं जिसके चलते मदनापुर, कम्हरीया महरिया, बोहरा, शाहपुर से बड़ी शिकायतें अख़बारों की स्याही खराब कर सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेन्स की नीति की धज्जियाँ उड़ा विपक्षी पार्टियों को सरकार को घेरने का मौका दे रही हैं।