
आर्यावर्त बैंक शाखा मिश्रित का कारनामा किसान को पता नही खाते से निकल गए सतहत्तर हजार तीन सौ रुपए ।
मिश्रित सीतापुर / तहसील क्षेत्र के ग्राम सूरजपुर मजरा जेहुरा निवासी रामखेलावन व महिपाल पुत्र गजोधर ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है । कि पीड़ित ने आर्यावर्त बैंक शाखा मिश्रित में संयुक्त रूप से किसान कार्ड बनवाया था । जिसकी खाता संख्या 221235110000554 है । पीड़ितों का आरोप है । कि उसने अपने किसान कार्ड पर 123000 का ऋण स्वीकृत कराया था । परंतु शाखा प्रवंधक ने पीड़ितों की पासबुक अपने पास रख ली थी । जब वह दिनांक 21 नवंबर को बैंक जाकर पासबुक मांगी । तो उन्होंने देखा उनके खाते से 77300 रुपए की निकासी पास बुक पर चढ़ी है । पीड़ितों द्वारा शाखा प्रवंधक से बात की । तो उन्होने बताया कि तुम्हारे मृतक भाई सोमपाल ने इसी बैंक से ऋण लिया था । उनका बकाया 77300 रुपए आपके किसान कार्ड से काटे गए हैं । आपकी शेष धनराशि 6700 रुपए आपके खाते में पड़ी है । पीड़ितों का आरोप है । कि उनका मृतक भाई काफी समय से अलग रहता था । उसकी कृषि भूमि भी अलग है । मृतक भाई के परिवार से उनका कोई लेना देना नहीं है । इस लिए दोनों शिकायतकर्ताओं ने मुख्य मंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर सिकायत दर्ज कराई थी । जिस पर शाखा प्रवंधक ने दोनों किसानों को पुनः बैंक बुलाकर जोर दबाव में सादे कागज पर अंगूठा हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया । परंतु पीड़ितों ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया । इस मांमले में शाखा प्रबंधक का कहना है । रामखेलावन व महिपाल पुत्र गजोधर का एक संयुक्त किसान क्रेडिट कार्ड हेतु ऋण आवेदन किया था । बैंक शाखा द्वारा 21 नवम्बर 2024 को 123000 का केसीसी ऋण स्वीकृत किया गया था । दोनों लोगों द्वारा संयुक्त रूप से वेड्राल के माध्यम से 77300 कैश के रूप में निकाले हैं । ऋण किसी के खाते में ट्रांसफर नहीं किया गया है । जब कि किसानों का कहना है । कि उन्होने किसी भी बेड्राल पर हस्ताक्षर नही किए है । कोई धनराशि नही निकाली है । बैंक व्दारा बिना पेन कार्ड के पचास हजार रुपए के ऊपर धनराशि कैसे निकाल दी गई है । उनका अभी तक पैन कार्ड भी नही बना है । बैंक में सीसी टीवी कैमरे भी लगे हुए है । उनकी फुटेज देखकर सच्चाई का पता लगाया जा सकता है ।