अपनी बदहाली की गाथा गा रहा ऐमा का पंचायत भवन,ताले में बंद योजनाएं

अपनी बदहाली की गाथा गा रहा ऐमा का पंचायत भवन,ताले में बंद योजनाएं

 

आखिर इधर कब इनायत होंगी जिले के मुख्य विकास अधिकारी की नजरें

 

कोथावां/हरदोई अक्सर सुर्खियों में रहने वाले ब्लाक कोथावां के ग्राम पंचायत ऐमा में बने पंचायत भवन में वर्षों से झूल रहा ताला।खण्ड विकास अधिकारी ने मामले पर साधी चुप्पी।एडीओ पंचायत अमर सिंह ने जुम्मेदारी संभाले एक माह ना होने का हवाला देते हुए देख लेने की बात कही।बता दें कि ऐमा ग्राम पंचायत में जुम्मेदारी संभाल रहे ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि पंचायत घर संचलित कराने की वार्ता जल्द ही वर्तमान प्रधान राम देवी प्रतिनिधि मुकेश कुमार यादव की उपस्थिति में जल्द ही होनी है।पंचायत सहायक नीरज कुमारी के भाई बताते हैं कि पंचायत घर में अभी निर्माण कार्य होना बांकी है कंप्यूटर आदि जरूरी सामग्री नहीं खरीदी गई है जिससे वह संचालित नहीं किया जा रहा है।पूर्व में ग्राम पंचायत प्रधान रहे विसेस्वर यादव सहित पंचायत अधिकारी कामता प्रसाद की देख रेख में बनाए गए पंचायत भवन में जमकर घोल मोल किया गया।जिसकी गुत्थी जुम्मेदारों द्वारा ना सुलझाए जाने के कारण आज भी पंचायत भवन संचालित होने की वाट जोह रहा है।नाम ना छापने की सर्त पर कुछ के अनुसार पंचायत भवन निर्माण की लागत प्रपत्र फाइल गायब कर दी गई है।ताकि कुछ भी उजागर ना हो पाए।ताज्जुब तब हुआ जब वर्तमान प्रधान मुकेश कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत में सब कहते हैं कि पंचायत भवन है पर मुझे तो मालूम ही नहीं।अधिकारिक स्तर से मुझे कोई भी प्रपत्र फाइल पंचायत भवन की अब तक दी, ही नहीं गई मैंने कई बार इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता सहित लिखित पत्र दिया पर कोई बेहतर जवाब नहीं दे रहा है।वैकल्पिक व्यवस्था हेतु गांव में कोटेदार राम लखन का एक कमरा किराए पर लिया जा रहा है जिसमें पंचायत सहायक को बैठा कर ग्रामीणजनों के जरूरी कार्य कराए जाएंगे।पहले सोशल ऑडिट के दौरान नौ लाख कुछ रूपए मिस लीनियस के रुप में डाला गया था।लबालब पानी के बीच खड़ी एक सरकारी बिल्डिंग जिसमें सैकड़ों के अरमान लाखों की योजनाएं दबी हो उस पर भी जिम्मेदार मौन है तो सवाल उठना लाजमी होगा कि अगर कहीं भ्रष्टाचार किया नहीं गया तो लगभग 2 वर्षों की ग्राम प्रधानी के कार्यकाल में अब तक क्यों नहीं खुल सका पंचायत घर का ताला अगर प्रपत्र फाइल गायब नहीं की गई तो फिर क्या पूर्व में रहे ग्राम पंचायत अधिकारी सहित वर्तमान खंड विकास अधिकारी के द्वारा मामले को दबाते हुए अपनी कमियों को छुपाया जा रहा है।विकासखंड कोथावां में इस तरह लुका छुपी के खेल बराबर खेले जा रहे हैं यह वाकया तो निमोना मात्र है।ब्लॉक के जिम्मेदारों की उदासीनता हर पंचायत में कहीं न कहीं दबी कुचली अवस्था में कराह रही है।देखना होगा कि क्या इस ऐमा ग्राम पंचायत में बने पंचायत घर के दिन बहुरेंगे या फिर इसी अवस्था में ताले की जग में खुद गुमराह होता रहेगा पंचायत घर

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