
ग्राम पंचायत बेलहैइया में अधूरे पड़े सचिवालय का निर्माण पूरा न कराकर दूसरे सचिवालय का करा दिया निर्माण
पहले से अर्धनिर्मित सचिवालय में खर्च हुई लाखों रुपयों की धनराशि का आखिर जिम्मेदार कौन ?
मिश्रित सीतापुर / प्रदेश शासन द्वारा गांवों के बहुउद्देशीय विकास को लेकर ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय निर्मित कराने के निर्देश दिए गए थे । इन कार्यालयों में एक ही जगह पर ग्राम पंचायत की बैठकों सहित विकास से संबंधित दस्तावेज , कंप्यूटर आदि की उपलब्धता एक ही छत के नीचे शासन की सभी मूल भूत सुविधाऐं उपलब्ध कराने के निर्देशदिए गए है । विकासखंड मिश्रित की ग्राम पंचायत बेलहैया के मजरा टाड़ा में पूर्व प्रधान सुल्तान अहमद व्दारा निर्मित कराया गया पंचायत भवन अधूरा ही पड़ा है । परन्तु वर्तमान प्रधान जितेन्द्र गुप्ता व्दारा इस अधूरे पड़े सचिवालय को निर्मित न कराकर सरकारी धनराशि का दुरपयोग ग्राम बेलहैइया में नया सचिवालय निर्मित कराकर छत डलना दी है । अब सवाल यह उठता है । कि मजरा टाड़ा में पूर्व प्रधान व्दारा अर्धनिर्मित सचिवालय में खर्च हुई लाखों रुपयों की सरकारी धनराशि भरपाई पूर्व प्रधान या वर्तमान प्रधान कौन करेगा आम जनता में एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है । जब कि यहां पर तैनात सहायक डाटा ऐन्ट्री आपरेटर बीते कई मांह से अपने घर में बैठ कर फ्री में मानदेय ले रहा है । मजरा टाड़ा के ग्रामीणों की माने तो इस गांव में कोई सरकारी इमांरत नही थी । इस लिए पूर्व प्रधान सुल्तान अहमद ने काफी प्रयास करके इस मजरे में क्षेत्रीय लेखपाल से भूमि का प्रस्ताव पास कराकर पंचायत भवन का निर्माण कराना सुरू किया था । परन्तु कुछ ही निर्माण हो पाया था । उसी समय पंचायत चुनाव शुरू हो गए । और वह चुनाव हार गए । जिससे वर्तमान समय यहां के प्रधान जितेन्द्र गुप्ता हो गए है । वह अर्धनिर्मित पंचायत भवन को पूरा कराने की ओर कोई प्रयास नही कर रहे है । अगर यहां के ग्रामीण निर्माण कार्य पूरा कराने की बात करते है । तो वह सीधे कह देते है । कि इस मजरे के लोगो ने मुझे एक भी वोट नही दिया है । हम पंचायत भवन का निर्माण यहां नही कराएगें । ग्राम बेलहैया में भूमि का दूसरा प्रस्ताव पास कराकर पंचायत भवन का निर्माण करा दिए है । आप लोग कितनी भी सिकायतें कर लो हम भाजपा के संगठन पदाधिकारी है । सिकायतें करके तुम लोग हमारा कुछ नही कर सकते हो । इस लिए यहां के इस्लामुद्दीन , महबूब , इस्माइल , इस्लाम , समां पत्नी रईस , सकीला पत्नी मुंशी आदि ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व प्रदेश शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए अर्ध निर्मित पंचायत भवन पर खर्च हुई सरकारी धनराशि की रिकवरी कराए जाने की मांग की है ।