सूरतगंज में भाकियू (टिकैत) की बैठक में छाया खाद और धान क्रय केंद्र का मुद्दा, किसानों ने कहा – शिकायत पर जांच के नाम पर वसूली, दूसरे दिन बढ़ जाते हैं दाम

सूरतगंज में भाकियू (टिकैत) की बैठक में छाया खाद और धान क्रय केंद्र का मुद्दा, किसानों ने कहा – शिकायत पर जांच के नाम पर वसूली, दूसरे दिन बढ़ जाते हैं दाम

सूरतगंज, बाराबंकी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूरतगंज परिसर में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक बैठक संपन्न हुई। दीपावली पर्व के कारण 9 तारीख की बैठक पहले ही 5 नवंबर को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा ने की। बैठक में मुख्य रूप से खाद की कालाबाजारी और धान क्रय केंद्र बदलने का मुद्दा छाया रहा।

बैठक में किसानों ने एक-एक करके अपनी समस्याएं रखीं, अध्यक्ष ने सभी की बातें सुनी और समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया।

खाद को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा खाद की अव्यवस्था को लेकर हुई। ब्लॉक अध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा ने कहा कि खाद की समस्या नियमित रूप से बनी हुई है। किसानों ने बताया कि अगर किसी अधिकारी से खाद की कालाबाजारी की शिकायत की जाती है, तो जांच करने आया अधिकारी दुकानदारों से पैसा लेकर चला जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के बाद दूसरे दिन से ही खाद के दाम और बढ़ जाते हैं। अगर खाद 1500-1600 रुपये में बिक रही है, तो जांच के बाद 100-200 रुपये और बढ़ाकर बेची जाने लगती है। इस तरह किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।

जिला कार्यकारिणी सदस्य चंद्रभाल वर्मा ने बताया कि सरकारी रेट 1350 रुपये वाली खाद की बोरी बाजार में 1500, 1600, 1700 और 1800 रुपये तक में बेची जा रही है और रुकने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल यूरिया और डीएपी को लेकर भी यही समस्या हुई थी। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन अधिकारी सरकार की चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिसकी वजह से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

धान क्रय केंद्र बदलने से बढ़ी दूरी
बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा धान क्रय केंद्र को लेकर रहा। किसानों ने बताया कि जो धान क्रय केंद्र पहले सूरतगंज बरैया में लगता था, वह अब सेमराय में लगने लगा है।

किसानों का कहना है कि बरैया केंद्र बीच में था, जिससे सभी तरफ के किसानों को आसानी होती थी। अब केंद्र एकदम एक छोर पर, सबसे किनारे पर चला गया है। इससे दूसरे छोर के किसानों को धान तौल कराने के लिए काफी दूर जाना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी।

ब्लॉक महामंत्री प्रवेश कुमार ने भी इसी मुद्दे को उठाया और कहा कि किसानों को हर मोर्चे पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

धान तौल को लेकर बनी लिस्ट
यह बैठक विशेष रूप से धान की फसल की बिक्री को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में तय किया गया कि जिन किसान भाइयों को धान तौल कराना है, वे एक साथ शामिल होकर तौल कराएं। अध्यक्ष ने सभी किसानों से पूछा कि तौल को लेकर किसी को कोई समस्या तो नहीं आ रही है।

सभी ग्राम अध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने गांव के किसानों की सूची बनाकर लाएं और जिनका ऑनलाइन फॉर्म नहीं हुआ है, उनका ऑनलाइन करवाकर फॉर्म साथ लेकर आएं, ताकि किसी भी किसान का धान तौल से वंचित न रह जाए।

बैठक में अध्यक्ष निर्मल कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला, जिला कार्यकारिणी सदस्य चंद्रभाल वर्मा, ब्लॉक महामंत्री प्रवेश कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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