जंगल-झाड़ी की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, तहसीलदार से शिकायत 

जंगल-झाड़ी की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, तहसीलदार से शिकायत

नीम, यूकेलिप्टस के पेड़ काटकर बेचने का आरोप, कब्जेदारों पर कार्यवाही की मांग ।

मिश्रित-सीतापुर। तहसील मिश्रित क्षेत्र के ग्राम पचीसा मजरा मरेली में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव निवासी मुनेंद्र कुमार पुत्र रामकिशोर ने तहसीलदार को शिकायती पत्र देकर गांव के ही दो लोगों पर जंगल-झाड़ी के नाम दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर कृषि कार्य करने और सरकारी पेड़ काटकर बेचने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मांमले की जांच कराकर आरोपितों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।शिकायती पत्र के अनुसार, गांव की गाटा संख्या 792 में कुल 1.874 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में जंगल-झाड़ी के नाम दर्ज है। आरोप है कि गांव निवासी हरिश्चंद्र पुत्र रामस्वरूप और घनश्याम पुत्र हरिश्चंद्र ने उक्त भूमि के करीब पांच बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस भूमि पर लगातार कृषि कार्य करके अच्छी-खासी कमांई की जा रही है।मुनेंद्र कुमार का आरोप है कि उक्त सरकारी भूमि पर पहले नीम, यूकेलिप्टस सहित कई अन्य प्रजातियों के पेड़ और बांस की कोठियां खड़ी थीं, जिन्हें कथित रूप से काटकर बेच दिया गया। वर्तमान में आरोपितों द्वारा भूमि पर धान फसल की कटाई की जा रही है।शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि ग्रामीणों द्वारा अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई को लेकर आपत्ति जताने पर उन्हें जान-माल की धमकियां दी जाती हैं। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।पीड़ित ने तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने तथा पेड़ों की कटाई के मामले में नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है।

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