
मुरैनी हत्याकांड में 10 दोषियों को आजीवन कारावास
संग्रामगढ़ के मुकदमे में न्यायालय का फैसला, हत्या और जानलेवा हमले समेत कई धाराओं में सुनाई गई सजा
कुंडा/प्रतापगढ़। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मुरैनी गांव से जुड़े हत्या के एक मामले में न्यायालय ने 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रतापगढ़ पुलिस के अनुसार, पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष ईसी/एनडीपीएस न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया। पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सफलता बताया है।पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक, मामले में हरि नारायण सिंह, हरि प्रताप सिंह, राजवती उर्फ ललित, मनीष सिंह, मनोज सिंह, तीर्थनाथ यादव, पारसनाथ यादव, स्वामीनाथ यादव, सचिन यादव और राकेश यादव को दोषी ठहराया गया है। सभी मुरैनी गांव, थाना संग्रामगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।मामले में 22 मई 2020 को संग्रामगढ़ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 79/2020 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 समेत हत्या, हत्या के प्रयास, गंभीर चोट, मारपीट, बलवा, घर में घुसने और धमकी सहित कई धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस ने 16 अगस्त 2020 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।पुलिस के अनुसार, न्यायालय ने हत्या की धारा 302/149 और हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत प्रत्येक दोषी को आजीवन कारावास तथा 2,500-2,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि के कारावास और अर्थदंड का आदेश दिया गया।इस मामले में एडीजीसी रविंद्र बहादुर सिंह, तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं विवेचक आशुतोष कुमार त्रिपाठी तथा संग्रामगढ़ थाने के पैरोकार कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की प्रभावी पैरवी का उल्लेख पुलिस ने किया है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मामलों में प्रभावी पैरवी की जा रही है।