
बच्चों के विवाद में धारदार हथियार से हमले का आरोप, दो घायल, झोपड़ी में लगाई आग
पीड़िता ने महेशगंज पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
कुंडा/प्रतापगढ़। महेशगंज थाना क्षेत्र के सराय स्वामी जगापुर गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने विपक्षी पक्ष पर धारदार हथियार से हमला करने, दो लोगों को घायल करने और छप्परनुमा झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता कुसहिन पत्नी पन्नेलाल के अनुसार, 13 अगस्त 2026 की शाम करीब साढ़े आठ बजे बच्चों के आपसी विवाद को लेकर वह गांव के ही कुछ लोगों के घर उलाहना देने गई थी। आरोप है कि इससे नाराज होकर विपक्षी पक्ष के कई लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर उसके घर पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि हमले में पीड़िता के पति और देवर घायल हुए। धारदार हथियार के प्रहार से देवर के सिर में गंभीर चोट आई और हाथ में फ्रैक्चर होने की बात कही गई है। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी पक्ष के लोग कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए।परिजन घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशगंज ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ रेफर कर दिया। घायल का उपचार जिला अस्पताल में चलने की बात कही गई है।पीड़िता का आरोप है कि घटना के कुछ समय बाद जब घर पर कोई मौजूद नहीं था, तब उसकी छप्परनुमा झोपड़ी में भी आग लगा दी गई। ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।पीड़िता ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह शिकायत लेकर महेशगंज थाने पहुंची थी, लेकिन उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और घायलों का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। इसके विपरीत विपक्षी पक्ष की तहरीर पर उसके परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है।मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने तथा घायलों का विधिवत मेडिकल परीक्षण कराने की मांग की है।