
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का प्रभारी मंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के दिए निर्देश
सीतापुर जनपद के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को जनपद के लहरपुर एवं हरगांव क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने हरगांव-लहरपुर क्षेत्र में शारदा सहायक पोषक नहर पर चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था तथा मौके पर किए जा रहे तकनीकी उपायों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप तेजी से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधित अधिकारी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें।
इसके उपरांत मा0 प्रभारी मंत्री ने लहरपुर तहसील के ग्राम सेमरिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाएं।
मा0 प्रभारी मंत्री ने शारदा नहर से पोषक नहर के किलोमीटर 36.878 पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की वर्तमान स्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित जोखिम को देखते हुए आवश्यक वैकल्पिक एवं सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं समय से की जाएं।
निरीक्षण के दौरान मा0 प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं पेट्रोलिंग की जाए तथा जलस्तर एवं स्थिति में होने वाले बदलाव पर सतत नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार राहत शिविर, पेयजल, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही यथासंभव समाधान कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ0 राजागणपति आर0, पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल सहित सिंचाई, राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।