
सीतापुर ओ आर एस और डायरिया के प्रति जन जागरूकता के लिए बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस आर समददर की अध्यक्षता की और डायरिया कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चैंपियन को प्राशस्ति प्रमाण देकर सम्मानित किया सम्मान पाने वाले में डॉ कमलेश कुमार अधीक्षक मछरेहटा, डॉ दीपांशु शुक्ला अधीक्षक महोली, देश दीपक त्रिपाठी फार्मासिस्ट कॉर्पोरेशन स्टोर ,आफताब फार्मासिस्ट मुन्शी गंज सदर की आशा बबली देवी रही। इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्टाप डायरिया अभियान के दौरान घर घर ओ आर एस की उपलब्धता पर जोर दिया । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि डायरिया के प्रचार वाहन गांव गांव और शहर में जाकर जन जागरूकता कर रहे है । प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर समुदाय को शून्य से पांच साल तक के बच्चों में डायरिया के लक्षण, कारण और बचाव आदि के बारे में प्रचार-प्रसार करेंगे। प्रचार वाहन के माध्यम से भी जन-जन तक बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के प्रमुख सन्देश पहुँचाने की कोशिश हो रही है।
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपेन्द्र कुमार शुक्ला ने कहा कि शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में इस समय डायरिया रोको अभियान चलाया जा रहा है। डायरिया रोको अभियान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू भी “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, ओआरएस व जिंक के उपयोग को प्रोत्साहन और समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि बारिश और उमस में बच्चा डायरिया की चपेट में कई कारणों से आ सकता है, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करने आदि से। इसलिए शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें। डायरिया का सही इलाज ओआरएस का घोल और जिंक के टेबलेट हैं, जिन्हें उम्र के अनुसार निश्चित अवधि तक जरूर दें। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हो तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए, साथ ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। इस मौके पर डॉ पीयूष रंजन एस एम ओ WHO , डॉ राहिल फरीद,, डॉ शानू कुमार वर्मा , डॉ विवेक कनौजिया, डॉ अनूप श्रीवास्तव , जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी के एन मिश्रा , ICDS प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कमलेश कुमारी, पी एस आई इंडिया से कमलेश कुमार, अश्विनी मिश्रा और आलोक कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।