
आशनाई, पुरानी रंजिश और ₹50 हजार की सुपारी; संदना पुलिस ने ऐसे बेनकाब किया ‘ब्लाइंड मर्डर’
संवाददाता गोंदलामऊ सीतापुर
संदना सीतापुर संदना पुलिस और स्वाट सर्विलांस टीम ने पड़ी नेवादा गांव में मिले अज्ञात बिना सिर के धड़ की ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है।
इस खौफनाक वारदात के पीछे 12 साल पुराने कत्ल की रंजिश, आशनाई और 50 हजार रुपये की सुपारी का खेल उजागर हुआ है। पुलिस ने मामले में एक महिला समेत दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। खेत में मिला था बिना सिर का धड़, सर्विलांस से खुली गुत्थी बीती 26 जुलाई को संदना क्षेत्र के पड़ी नेवादा गांव में सरजू बली के खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का सिर कटा धड़ मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान सर्विलांस और सुरागरसी की मदद से मृतक की पहचान बहरूपा थाना खैराबाद निवासी 42 वर्षीय भूपई यादव पुत्र बच्चू यादव के रूप में हुई। तफ्तीश आगे बढ़ी तो संदना के नईडीहा की रहने वाली शशी देवी पत्नी स्व. गोविंद कुमार और उसके भाई रिकू उर्फ मास्टर का नाम सामने आया
पुलिस ने जब शशी देवी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई बाहर आ गई। अभियुक्तों की निशानदेही पर घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर गड्ढे में दबाकर छिपाया गया मृतक का कटा हुआ सिर, आलाकत्ल (लोहे का बांका) और मृतक के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए।
पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2014 में शशी देवी और मृतक भूपई यादव ने मिलकर शशी देवी के पति गोविंद कुमार की हत्या कर दी थी। उस मामले में भूपई जेल गया था और दो साल बाद छूटकर आया था। हाल ही में भूपई यादव के उसके ही गांव के राजेश उर्फ राजकुमार की पत्नी से अवैध संबंध हो गए थे। इससे बौखलाए राजेश ने भूपई को रास्ते से हटाने के लिए शशी देवी को 50 हजार रुपये का लालच दिया और उसके भाई रिकू को भी साजिश में शामिल कर लिया।
25 जुलाई की रात करीब 10 बजे अभियुक्तों ने भूपई यादव को जमकर शराब पिलाई। जब वह अत्यधिक नशे में आ गया, तो राजेश और शशी देवी ने लोहे के बांके से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद कटा हुआ सिर खेत में गड्ढा खोदकर दबा
दिया गया और आलाकत्ल झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस ने शशी देवी और रिकू को जेल भेज दिया है, जबकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर विधिक कार्रवाई जारी है।