
भ्रष्टाचार उजागर करने पर पत्रकार पर भड़की एसडीएम लहरपुर
एक पत्रकार पर FIR दर्ज कराने का दिया आदेश दूसरे के साथ एडीसीओ ने की अभद्रता
संवाददाता
विकास मिश्रा
सकरन/सीतापुर
सच लिखना अब गुनाह बन गया है, मुकदमा पत्रकार का इनाम बन गया, बी –पैक्स खाद्य समिति सुमरांवा में खाद की कालाबाजारी उजागर करने वाले पत्रकार पर ही कार्रवाई की तलवार लटक गई है। लहरपुर की एसडीएम एस धामिनी दास ने खबर को “असत्य” बताते हुए पत्रकार के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश दे दिया है। तो वहीं पर दूसरे पत्रकार के साथ एडीसीओ सीतापुर ने की अभद्रता इसके बाद पत्रकार संघ में भारी रोष व्याप्त है
सकरन सीतापुर बिकास खंड सकरन इलाके में बी पैक्स काजीपुर उमराखुर्द समिति के संचालन को लेकर 16 जुलाई को प्रकाशित खबर के बाद आज सुमरावां में हुई जांच के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। जांच के बाद उपजिलाधिकारी लहरपुर धामिनी एम दास ने पत्रकार सतीश सिंह परमार पर “फर्जी वीडियो बनाकर खबर चलाने” का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने के आदेश दिए। वहीं सहायक जिला सहकारी अधिकारी सीतापुर ने दूसरे पत्रकार अंशुमान शुक्ला को मौके पर ही धमकाया।
16 जुलाई को ऐप्जा सदस्य पत्रकार सतीश सिंह परमार ग्रामीण नन्दकिशोर, घनश्याम , सालिकराम और बिनोद के बयान पर बी पैक्स काजीपुर उमराखुर्द समिति द्वारा सुमरावां में खाद बितरण की कालाबाजारी किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। इसी के क्रम में आज जांच के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची थी ग्रामीणों के बयान दर्ज कर पत्रकार पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश उपजिलाधिकारी लहरपुर ने थानाध्यक्ष सकरन को दिया।
दो पत्रकार निशाने पर
उपजिलाधिकारी न्यायिक लहरपुर ने पत्रकार सतीश सिंह परमार पर फर्जी वीडियो बनाकर खबर चलाने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह सकरन को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जांच के दौरान एडीसीओ सीतापुर ने ऐप्जा सदस्य अंशुमान शुक्ला पर कवरेज के दौरान अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए उन्हें मौके पर धमकाया। साथ ही थाना सकरन में तहरीर भी दी गई।
पत्रकारों में भारी रोष
इस दोहरी कार्रवाई से पत्रकार संगठनों में आक्रोश है। पत्रकारों का कहना है _एक तरफ केस दर्ज कराने का आदेश, दूसरी तरफ धमकी। अगर सच्चाई दिखाने की यही सजा है तो फिर ग्रामीणों की आवाज कौन उठाएगा? पत्रकारिता अब अपराध बन गया है क्या
ऐप्जा पदाधिकारियों ने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि खबर और वीडियो के साक्ष्य मौजूद हैं। प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि समिति के संचालन की निष्पक्ष जांच हो। दूध का दूध और पानी का पानी सामने आए।
जांच के दौरान देशराज द्विवेदी समिति सचिव, सुधाकर मिश्र समिति अध्यक्ष, सहायक जिला सहकारी अधिकारी सीतापुर, धामिनी एम दास – महिला उपजिलाधिकारी लहरपुर, एसओ प्रदीप कुमार सिंह सकरन व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।