
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले प्रतीकात्मक कार्ड
अरुण कुमार दुबे ब्यूरो/चीफ नैमिष टुडे जौनपुर
जौनपुर कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में मंगलवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के सम्मान समारोह का वाराणसी से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, नगर पालिका चेयरमैन मनोरमा मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, डॉ. अजय सिंह तथा जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, स्पेशल एजुकेटर एवं रसोइयों तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए।
राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिकों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे शिक्षकों और उनके आश्रितों को समय पर बेहतर उपचार मिलने के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि गुरुजनों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षा जगत से जुड़े प्रत्येक कार्मिक के हित में लगातार कार्य कर रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय करने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस धनराशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति में करें तथा उन्हें नियमित रूप से निर्धारित वेशभूषा में विद्यालय भेजें।
जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों में प्रत्येक माह अभिभावक-शिक्षक बैठक (पैरेंट्स मीटिंग) आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चों की शैक्षिक प्रगति एवं अनुशासन पर अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद निपुण भारत योजना में प्रथम स्थान पर है और भविष्य में भी बेसिक शिक्षा विभाग उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान उदपुर गेलवा के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।