व्यावसायिक सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) नीति से प्रदेश में स्थापित हो रहे है उद्योग

लखनऊ: व्यायसायिक सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) एवं रोजगार सृजन प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी देश के विकास के लिए यह जरूरी है कि वहॉ विदेशी निवेश की मात्रा अधिक हो। विदेशी निवेश तभी हासिल हो पाता है जब कोई भी देश अपने विभिन्न उत्पादों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के मानकों, गुणवत्ता में अच्छा परफार्म करते हुए खरा उतरे। इस क्षेत्र में सबसे बड़ा मानक ’’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’’ यानी कारोबार में आसानी हो। इसका सीधा सा अर्थ होता है कि देश में कारोबार नियमों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में सरलता लाना है। देश के मा0 प्रधानमंत्री जी की नीति है कि देश के उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हो और उनके मानक एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने। देश की उत्पादित वस्तुओं का निर्यात किया जाय। जिससे देश समृद्धशाली बने।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ’’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’’ में सरलता लाते हुए अनेक क्षेत्रों में रिकार्ड 186 सुधारों को लागू किया है। राज्य सरकार ने श्रम विनियमन में सुधार लाते हुए उद्यमियों, व्यापारियों एवं श्रमिकों को सहूलियत दी है। उसी तरह उद्योगों, व्यापार की निरीक्षण के नियम बनाये गये हैं। उद्योग लगाने के लिए भूमि आवंटन में वरीयता दी गई है। उद्योगों के स्थल व अन्य सम्पत्तियों के पंजीकरण मैकेनिज्म मंे सरलता लाई गई है। व्यापारियों उद्यमों को पर्यावरण की स्वीकृति देने तथा कर भुगतान मंे सुगमता लाते हुए आसान बनाया गया है। प्रदेश सरकार ने विभिन्न उद्यमों व्यापार में जारी होने वाले लाइसेंस से सम्बन्धित गतिविधियों, नियमों, आवेदन पत्रों एवं उनकी प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा करने संबंधी कार्यों में सुगमता लाया है। किसी भी कार्य के लिए जारी होने वाली स्वीकृतियों को ऑनलाइन करते हुए समयबद्ध कर दिया गया है। जिससे संबंधित कार्य के लिए अनावश्यक देरी न हो।

प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विकास एवं समृद्धि के लिए उद्योगों की स्थापना हेतु अनेक सुविधायें देने का कार्य किया है। उद्योगों एवं व्यापार के लिए सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधायें दी जा रही है। प्रदेश सरकार सभी औद्योगिक सेवाओं/स्वीकृतियों /अनुमोदनों/अनुमतियों/लाइसेंस को ऑनलाइन तथा एक छत के नीचे प्रदान करने की व्यवस्था की है। इसके लिए ’’सिंगल विन्डों क्लीयरेंस’’ की नीति अपनाई गई है। इस नीति के अंतर्गत अन्तर्राष्ट्रीय मानकों का एक सिंगल विन्डों टेक्नोलॉजी पोर्टल विकसित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रमुख सुधारों से भारत के सबसे बड़े उद्योग तथा विदेशों के सैमसंग जैसी बड़ी कम्पनियों के उद्योग प्रदेश में स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना से व्यापार कुशल व अकुशल श्रमिकों, शिक्षित व कौशल प्रशिक्षित युवकों को रोजगार भी मिल रहा है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक तरह का इंडेक्स है। इसमें कारोबार सुगमता के लिए कई तरह के पैमाने रखे गये है। लेबर रेगुलेशन, सूचनाओं की विभिन्न जानकारियों तक पहुॅच, कार्यों में पारदर्शिता, ऑनलाइन सिंगल विन्डो, निर्माण परमिट, भूमि प्रशासन वाणिज्यिक विवाद इत्यादि प्रक्रियाओं इसमें शामिल है। देश में इसे उद्योग एवं आन्तरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डी0पी0आई0टी0) द्वारा तैयार किया जाता है। विश्व बैंक के सहयोग से सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के लिए बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान के तहत सुधार संबंधित प्रक्रियाओं का सुझाव दिया जाता है। प्रदेश सरकार ने ’’निवेश मित्र पोर्टल’’ पर प्राप्त आवेदन पत्रों का 98 प्रतिशत से अधिक निस्तारण कर संबंधित उद्योग व्यापार के कार्य में तेजी लाई जिससे समय से लाखांे विभिन्न कार्यों के आवेदन पत्रों का निपटारा होकर संबंधित उद्यम आरम्भ हुआ है। राज्य में निवेशकों के विनियामक भार को कम करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नवीनीकरण, निरीक्षण, रजिस्टर व रिकार्ड तथा रिटर्न फाइल करने के संदर्भ में लाइसेंस एवं अनापत्ति प्रमाणपत्रों को चिन्हित करने की कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए 20 से अधिक विभागांे में सुधारों को लागू किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में घोषित बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान रैकिंग में राज्यों की रैकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना से प्रदेश की चतुर्दिक प्रगति हो रही है।

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