अंधा धुंध बृृक्ष कटान से धार्मिक क्षेत्र का बिगड़ रहा पर्यावरण संतुलन ।

 

वन विभाग की सह पर हरे भरे नीम जैसे औशधीय वृक्षो का खुले आम कस्बा मिश्रित में हो रहा कटान ।

मिश्रित सीतापुर / केन्द्र व प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर तमाम कार्यक्रमों का आयोजन करके पौधारोपण पर बल दे रही है । ताकि इस मिश्रित नैमिष के धार्मिक क्षेत्र का वातावरण संतुलित बना रहे । परन्तु यहां पर तैनात वन विभागीय अधिकारी लकड़ी माफियाओं से सांठ गांठ करके कटान कराने में मस्त चल रहे है । वन रेंज मिश्रित में तैनात रेंजर दिनेश गुप्ता व डिप्टी रेंजर समर सिंह सहित सभी फारेस्टरों की लकड़ी ठेकेदारों से गहरी सांठ गांठ बनी हुई है । जिसके चलते इस ऋषि मुनियों के धार्मिक क्षेत्र कस्बा मिश्रित में लकड़ी माफिया बिना परमिट के हरे भरे फलदार व नीम जैसे औषधीय बृक्षों का खुले आम वन कार्यालय चंद्रावल की नाक के नीचे खुले आम कटान कराकर वन रेंज कार्यालय को मुंह चिढ़ा रहे है । वन विभाग सब कुछ जान कर पूरी तरह अंजान बना हुआ है । आपको बता दें कि धार्मिक कस्बा मिश्रित चंद्रावल वन रेंज कार्यालय की नाक नीचे स्थित ग्राम बरमी निवासी गोबरे नामक ब्यक्ति के 8 नीम जैसे औषधीय बृक्षों को अरमान नामक लकड़ी ठेकेदार ने बिना परमिट के खुले आम कटाकर साफ करा दिया । वन विभाग कार्यलय की नाक के नीचे हुए इस बृक्ष कटान की जानकारी डिप्टी रेंजर समर सिंह से लेने पर बताया कि तीन बृक्षों का परमिट है । तीन ही काटे गए है । जब कि क्षेत्रीष फारेस्टर अनिल यादव से बात की गई तो उन्होने बताया कि मौके पर पांच बृक्षों का कटान हुआ है । छे बृक्ष थे । एक मौके पर खड़ा है । इस तरह विभागीय अधिकारी और कर्मचारी की बाते आपस में मेल नही खा रही है । जिससे दाल में कुछ न कुछ काला जरूर नजर आ रहा है । जिसका पता उच्चाधिकारी मौके की जांच पड़ताल करके ही लगा सकते है । फिलहाल हम अपने सूत्रों की माने तो मौके पर 8 नीम के बृक्षों का बिना परमिट के कटान कराया गया है । जो समूचे क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना हुआ है ।

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