
तीर्थ स्थल पर अंधेरे का साम्राज्य: दधीचि कुंड पर लाखों की लाइटें बनीं शोपीस, छह महीने से छा रहा सन्नाटा
नैमिष टुडे / विशाल गुप्ता
सीतापुर /मिश्रिख /त्याग और तपस्या की पावन भूमि, महर्षि दधीचि कुंड इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता और उपेक्षा का दंश झेल रहा है। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के इस पावन तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं स्ट्रीट लाइटें पिछले छह महीनों से पूरी तरह ठप पड़ी हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते शाम ढलते ही पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में समा जाता है, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।
विकास के दावों पर फिर पानी, अंधेरे में डूबा घाट
आरोप है कि पर्यटन और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए और चमचमाती स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गईं। लेकिन रखरखाव के अभाव में ये लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। पिछले छह महीनों से एक भी लाइट नहीं जलने के कारण रात के समय कुंड के घाटों पर चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर पालिका और संबंधित विभाग से इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद कर बैठे हैं।
श्रद्धालु और स्थानीय निवासी परेशान
मिश्रिख तीर्थ पर देश-विदेश से रोजाना हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। अंधेरा होने के कारण घाटों पर चोर-उच्चकों का डर बना रहता है, साथ ही आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ गई है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी इस बदइंतजामी के कारण प्रभावित हो रहा है।
मामले मे चेयरमैन प्रतिनिधि अजय भार्गव से बात कि गयी तो बताया मामला संज्ञान मे आया है दिखवाया जायेगा