
बागेश्वर बाबा के समर्थन में उतरा पूरा देश, अखिलेश यादव की हो रही जमकर किरकिरी
अधूरा वीडियो देखकर फैलाया जा रहा भ्रम, पूरा बयान सुनें तो कहीं भी श्रीकृष्ण का अपमान नहीं, बागेश्वर बाबा के समर्थन में एकजुट हुआ सनातन समाज, कुंडा की कथा को लेकर सनातनियों में खुशी की लहर
कुंडा प्रतापगढ़।बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा किए गए पोस्ट के बाद पूरे देश में सनातन समाज एकजुट हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर कथावाचकों तक, हर तरफ बागेश्वर धाम सरकार के समर्थन में आवाज उठ रही है। लोगों का साफ कहना है कि अखिलेश यादव ने पूरा बयान सुने बिना अधूरे वीडियो के आधार पर भ्रम फैलाने का काम किया है।दरअसल पूरा विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में हुई रामकथा के दौरान दिए गए एक बयान से शुरू हुआ। वहां धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की व्याख्या करते हुए त्रिभंगी मुद्रा और लीला का जिक्र किया था। उस बयान के छोटे से हिस्से को काटकर सोशल मीडिया पर इस तरह पेश किया गया, जैसे उन्होंने श्रीकृष्ण का अपमान किया हो। जबकि उनके पूरे बयान में कहीं भी ऐसा भाव नहीं है, जिससे श्रीकृष्ण के भक्तों की भावना को ठेस पहुंचे। खुद धीरेंद्र शास्त्री ने नैरोबी से वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनका मकसद राम और कृष्ण में भेद करना नहीं था। वह खुद ठाकुरजी और ब्रज के भक्त हैं, भागवत कथा कहते हैं और ठाकुरजी का गुणगान करते हैं।इसके बाद भी अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर उनके कार्यक्रमों पर आजीवन प्रतिबंध, यूपी में प्रवेश पर रोक और यूपी-एमपी बॉर्डर पर नाकाबंदी का बोर्ड लगाने तक की मांग कर दी। उन्होंने लिखा कि अब उन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अखिलेश यादव के इस बयान से सनातनी समाज में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को बिना पूरा बयान सुने और बिना तथ्य जाने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।अखिलेश यादव ने कुंडा में 17 से 20 नवंबर तक होने वाली श्रीराम कथा को लेकर भी निशाना साधने का प्रयास किया। जबकि कुंडा की कथा को लेकर सनातनियों में खुशी की लहर है। 17, 18, 19 और 20 नवंबर को बागेश्वर धाम सरकार की कथा कुंडा में आयोजित है। इस कथा की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और लाखों की संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है। लोगों का कहना है कि यह कथा ऐतिहासिक होगी। कुंडा समेत पूरे प्रतापगढ़ में कथा को लेकर उत्साह का माहौल है।देश के कई राष्ट्रीय स्तर के कथावाचकों ने भी साफ कहा है कि भगवान राम और कृष्ण एक ही तत्व हैं, एक मर्यादा पुरुषोत्तम हैं तो दूसरे लीला पुरुषोत्तम। उनकी व्याख्या को ईशनिंदा बताना सनातन परंपरा को न समझना है। लोगों का कहना है कि जो लोग पूरा बयान नहीं सुनते, वही उल्टा-सीधा कमेंट कर भ्रम फैला रहे हैं।वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के कुछ लोग इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर 27 में कृष्ण आएंगे का पोस्टर लगाकर इसे सीधे 2027 के चुनाव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सनातनियों का आरोप है कि धर्म को राजनीति का हथियार बनाया जा रहा है और एक संत के खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाया जा रहा है।पूरे देश में जहां-जहां बागेश्वर धाम की कथा प्रस्तावित है, वहां श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव की इस टिप्पणी से बागेश्वर धाम सरकार के प्रति श्रद्धा और बढ़ी है और देश का सनातनी समाज अब पहले से ज्यादा मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।