
नवरात्रि में नौ स्वरूपों में होगी मां ललिता की पूजा, उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
नैमिष टुडे /सवाददाता
नैमिषारण्य। धर्मनगरी नैमिषारण्य में शारदीय नवरात्रि को लेकर धार्मिक तैयारियां पहले से ही तेज हो गई थी । नैमिषारण्य की पावन नगरी में मां ललिता देवी के शैल पुत्री स्वरूप मे दर्शन पूजा-अर्चना आज की जाएगी। देवी के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं आते है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में माता के दर्शन, दुर्गा सप्तशती का पाठ, आरती और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की होगी पूजा
प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। भक्त सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ माता के चरणों में शीश नवाते हैं।
द्वितीय दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा: दूसरे दिन तप, त्याग और संयम की प्रतीक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। श्रद्धालु जीवन में शक्ति, धैर्य और सफलता की कामना करते हैं।
तृतीय दिन मां चंद्रघंटा की पूजा: तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। माता का यह स्वरूप साहस, पराक्रम और दुष्टों के विनाश का प्रतीक माना जाता है।
चतुर्थ दिन मां कूष्मांडा की पूजा: चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना होती है। भक्त आरोग्य, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।
पंचम दिन मां स्कंदमाता की पूजा: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। माता का यह स्वरूप संतान सुख, वात्सल्य और ममता का प्रतीक माना जाता है।
षष्ठम दिन मां कात्यायनी की पूजा: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।
सप्तम दिन मां कालरात्रि की पूजा: सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। माता का यह स्वरूप भय, नकारात्मकता और संकटों से रक्षा करने वाला माना जाता है।
अष्टम दिन मां महागौरी की पूजा: आठवें दिन मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन अनेक श्रद्धालु कन्या पूजन और धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं।
नवम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा: नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। भक्त सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।
आस्था का प्रमुख केंद्र है मां ललिता देवी मंदिर
नवरात्रि के दौरान मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मंदिर परिसर और आसपास के धार्मिक क्षेत्रों में भक्तिमय वातावरण दिखाई देता है। श्रद्धालु परिवार सहित माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। नवरात्रि के अवसर पर नैमिषारण्य आने वाले श्रद्धालु मां ललिता देवी के दर्शन के साथ यहां स्थित अन्य पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों पर भी पूजा-अर्चना करते हैं।
नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा के बाद विजयादशमी के साथ इस पर्व का समापन होता है।