सीता ग्रुप ऑफ़ एजूकेशन के शास्त्री सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर के तत्वावधान में आयोजित

महमूदाबाद (सीतापुर) : अक्सर समाज में यह भ्रांति होती है कि ऐसे अपराध केवल बच्चियों के साथ होते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गंभीर है। पॉक्सो एक्ट की सबसे बड़ी और अहम विशेषता यह है कि यह जेंडर-न्यूट्रल है। यानी 18 वर्ष से कम उम्र के लड़का हो या लड़की हर बच्चे को समान रूप से सुरक्षा देता है।
उक्त बातें सीता ग्रुप ऑफ़ एजूकेशन के शास्त्री सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर के तत्वावधान में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में सिविल जज़ महमूदाबाद रोहित पूरी द्वारा कही गईं। उन्होंने कहा कि इस कानून में अपराध की गंभीरता के अनुसार बहुत सख़्त सजा का प्रावधान किया है, जिसमें आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक शामिल है। लेकिन यह एक्ट केवल सजा देने तक सीमित नहीं है। यह पूरी तरह से चाइल्ड-फ्रेंडली है।
पहले कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना एक बच्चे के लिए दूसरे मानसिक आघात जैसा होता था। लेकिन पॉक्सो एक्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि
पुलिस बच्चे से सादी वर्दी में पूछताछ करेगी।
बच्चे का बयान उसके माता-पिता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति की उपस्थिति में, एक सुरक्षित माहौल में दर्ज होगा।
अदालत में गवाही के दौरान बच्चे का सीधा सामना कभी भी आरोपी से नहीं होने दिया जाएगा। कानून अपनी जगह बहुत मजबूत है, लेकिन कोई भी कानून तब तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकता, जब तक समाज उसके साथ खड़ा न हो। एक शिक्षण संस्थान, एक परिवार और एक समाज के रूप में हमारी जिम्मेदारी केवल कानून के भरोसे बैठना नहीं है। इस मौके पर सीता ग्रुप ऑफ एजूकेशन के चेयरमैन आरके वाजपेयी, आरजे वर्मा, डिप्टी मैनेजर आञ्जनेय आशीष, वागीश दिनकर, राकेश शुक्ल, तुषार तिवारी मौजूद रहे।

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