
नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में बाल अपचारी संरक्षण में
मानिकपुर पुलिस ने हाईवे किनारे से पकड़ा, किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष किया जाएगा प्रस्तुत
मानिकपुर/प्रतापगढ़। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में प्रकाश में आए विधि की अवज्ञा करने वाले एक बालक को मानिकपुर पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पुलिस ने उसे लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर नहर के पास मिलिट्री ग्राउंड, लाटतारा गांव के पास से संरक्षण में लिया।पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय एवं क्षेत्राधिकारी कुंडा शिवनारायण वैस के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर पंकज कुमार राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रोहित यादव पुलिस टीम के साथ वांछित एवं विधि की अवज्ञा करने वाले बालक की तलाश में जुटे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बालक को संरक्षण में लिया।पुलिस के अनुसार पूछताछ में बालक ने बताया कि वह संबंधित नाबालिग बालिका को पहले से जानता था। 12 जुलाई 2026 को उसने बालिका को प्रयागराज बुलाया और ट्रेन से बाहर ले गया। बाद में परिजनों को इसकी जानकारी होने पर उसने बालिका को मुंबई रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार वर्तमान में वह मुंबई जाने के लिए कुंडा की ओर जा रहा था, तभी उसे संरक्षण में लिया गया।मानिकपुर पुलिस ने बताया कि बालक के संरक्षण में लिए जाने की सूचना उसके स्वजन को दे दी गई है। धारा 137(2)/87 बीएनएस से संबंधित मामले में नियमानुसार विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रोहित यादव, कांस्टेबल राजेश प्रजापति, आरक्षी राहुल पटेल एवं महिला आरक्षी हर्षिता गुप्ता शामिल रहे।