
मतदाता सूची पुनरीक्षण में बड़ा घोटाला
जिंदा वोटर गायब, मृतकों के नाम बरकरार
तारपारा में 14 वोट एक ही परिवार से गायब
नैमिष टुडे संवाददाता
विकास मिश्रा
सकरन/सीतापुर जनपद सीतापुर के विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत तारपारा में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां जिंदा मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं, जबकि वर्षों पहले मृत घोषित हो चुके लोगों के नाम आज भी मतदाता सूची में मौजूद हैं*।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत चुनाव, विधानसभा और लोकसभा में लगातार मतदान करने वाले सैकड़ों मतदाताओं के नाम इस बार गायब कर दिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही परिवार के 14 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं। वहीं, पहली बार वोट डालने का इंतजार कर रहे दर्जनों नवयुवकों के नाम भी नहीं जोड़े गए
बीएलओ और तहसील कार्यालय एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
मामला उजागर होने पर जब पीड़ितों ने संबंधित बीएलओ मनोज कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि “हमने सभी फॉर्म तहसील चुनाव कार्यालय में रिसीव करा दिए थे, इसके बाद की जानकारी नहीं है।”
वहीं तहसील निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि “हमें जो डाटा मिला था उसे रिसीव करके वापस कर दिया था। बाद में डाटा जिला कार्यालय भेज दिया गया। अब किसका नाम जुड़ा या कटा इसकी जानकारी नहीं है।
*पीड़ितों ने SDM को सौंपा ज्ञापन*
इस पूरे मामले से आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर पहुंचकर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मतदाता सूची का पूर्ण निरीक्षण कराने, छूटे हुए नाम बढ़ाए जाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालों में रामस्वरूप भारती, सावेज अली, मकसूद अली, रोज अली, बबलू अली, पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा, अवधेश कुमार, अतीक अहमद, बाबू पांडे, मुकुल पांडे सहित करीब दो दर्जन पीड़ित मतदाता शामिल रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि “यह किसी साजिश के तहत किया गया है ताकि हमें वोट डालने से रोका जा सके।”
जांच के बाद ही होगा खुलासा
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करता है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।