
मनरेगा को मिला नया स्वरूप ‘विकसित भारत जी-रामजी’ लागू,
श्रमिकों को मिलेंगे पहले से बेहतर लाभ
नैमिष टुडे संवाददाता
विकास मिश्रा
सांडा/सकरन/सीतापुर। ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नया स्वरूप ‘विकसित भारत जी-रामजी (VB-GRAMG)’ 1जुलाई 2026 से लागू हो गई है। इसके तहत जॉब कार्ड धारकों को पहले के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार तथा प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी मिलेगी।
इस संबंध में विकास खंड सकरन के ब्लॉक सभागार में ग्राम पंचायत सांडा के मनरेगा श्रमिकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रावधानों की जानकारी दी गई। खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्त ने बताया कि इस योजना के तहत श्रमिकों को पहले की तुलना में अधिक लाभ मिलेगा। मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है तथा रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को अब भुगतान के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि कार्य करने के लगभग एक सप्ताह के भीतर भुगतान किए जाने का प्रावधान है। साथ ही, कार्यदायी संस्थाओं को भी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने के बाद सामग्री का भुगतान शीघ्र किया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि योजना से आच्छादित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा ऋण संबंधी सुविधाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में ब्लॉक प्रमुख मिथलेश कुमारी वर्मा, अजय वर्मा, बड़े बाबू रामकिशोर मिश्र, पंचायत सचिव प्रदीप चौधरी, शैलेन्द्र दीक्षित, अजीत यादव, देवेंद्र वर्मा, अजय गौतम, अरुण वर्मा,अनूप वर्मा, विनय लोधी,पूजा शर्मा,उमाकांत,ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कय्यूम अंसारी सहित ब्लॉक कर्मचारी व दर्जनों मनरेगा श्रमिक उपस्थित रहे।