
अरमान हत्याकांड में किशोर की जमानत अपील खारिज
स्पेशल जज ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को ठहराया सही
ससुर की संपत्ति हड़पने के चक्कर में इकलौते साले की हत्या की वारदात को जीजा ने साथियों संग मिलकर दिया था अंजाम
जीजा मो.समीर ने पहले खुद ही साले के अपहरण की दर्ज कराई थी सूचना,तफ्तीश में खुद ही निकला कातिल
सुलतानपुर। अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र अरमान की हत्या के आरोप से जुड़े मामले में किशोर न्याय बोर्ड से राहत नहीं मिलने के बाद स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत में बाल अपचारी की माँ की तरफ से पेश की गई जमानत अपील पर बहस हुई। स्पेशल जज ने अपराध की गम्भीरता को देखते हुए किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को जायज मानते हुए किशोर की जमानत अपील खारिज कर दिया है।
चांदा थाने के प्रतापपुर कमैचा के रहने वाले मो.समीर ने 20 फरवरी साल 2025 की घटना बताते हुए अपने भाई शाहिद के साथ बाईक से निकले अपने साले मो.अरमान के अपहरण का मुकदमा अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने मे दर्ज कराया। विवेचना के दौरान प्रयागराज जिले के फूलपुर थाने के लंका बोडई गांव के एक तालाब के पास से अपहृत अरमान के शव की बरामदगी हुई। मामले की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अपने ससुर की संपत्ति हड़पने के चक्कर मे अपहरण की सूचना देने वाले मो. समीर ने ही चांदा कस्बा निवासी अपने ससुर मो.निसार के इकलौते पुत्र अरमान की साथियों संग मिलकर हत्या कर दिया और उसका शव फेंकवा दिया था। वारदात को अंजाम देने में प्रयागराज जिले के बहरिया थाने के कपसा के मूल निवासी व वर्तमान में कस्बा चांदा के रहने वाले मो.समीर उसके भाई शाहिद एवं प्रयागराज जिले के फूलपुर थाने के एक गांव के रहने वाले किशोर का नाम सामने आया। मामले में आरोपी शाहिद के खिलाफ विवेचना प्रचलित रही,जबकि आरोपी मो. समीर व बाल अपचारी के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में पुलिस ने आरोप-पत्र पेश किया। मामले में प्रयागराज जिले के रहने वाले बाल अपचारी की तरफ से पूर्व में किशोर न्याय बोर्ड में जमानत अर्जी पेश की गई थी,जिसे किशोर न्याय बोर्ड के चेयरमैन अविनाश चंद्र गौतम की अदालत ने गत 25 फरवरी को खारिज कर दिया था। किशोर न्याय बोर्ड के इस फैसले को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में बाल अपचारी की माँ की तरफ से जमानत अपील दाखिल कर चुनौती दी गई थी,फिलहाल किशोर को राहत नहीं मिल सकी और स्पेशल कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दिया है।