
गर्भवती महिला पर हमले के आरोपी की जमानत खारिज
सुलतानपुर। जमीनी विवाद को लेकर चल रही मुकदमेबाजी की रंजिश में गर्भवती महिला व अन्य पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी युनुस की जमानत अर्जी पर एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में बहस हुई। अदालत ने अपराध की गम्भीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली देहात थाने के बजूपुर गांव के रहने वाले वादी मो सलीम पक्ष ने गत नौ मार्च की घटना बताते हुए स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। वादी पक्ष के आरोप के मुताबिक जमीनी विवाद को आरोपियो ने वादी की पत्नी उमैदा व उनके नौ वर्षीय पुत्र पर प्राणघातक हमला किया,जिसमे उन्हें गम्भीर चोंटे आई। वादी के मुताबिक आरोपियो के हमले में आई चोटों की वजह से उनकी पत्नी का गर्भपात हो गया। उनके मुताबिक इसी मामले में कोतवाली देहात थाने के तत्कालीन एसआई रवींद्र सिंह आरोपियो को पकड़ने के बाद छोड़ दिए थे और मामले में कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे थे। वादी के मुताबिक उन्होंने उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत किया था,जिसके बाद एसआई रवींद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई हुई। मामले में गांव के ही आरोपी यूनुस,उनके पुत्र असलम व सह आरोपी गोलू को आरोपी बनाया गया है। इस केस में जेल गए आरोपी युनुस की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को बेकसूर बताया। वहीं वादी पक्ष के निजी अधिवक्ता रजनीश शुक्ला ‘लंकेश’ ने अपराध को अत्यंत गम्भीर बताते हुए जमानत पर विरोध जाहिर किया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।